गुजरात यूनिवर्सिटी में छात्रों की सुरक्षा के लिए लगाएगा 388 एंटी-सुसाइड सीलिंग फैन
सूरत (गुजरात)। वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी (VNSGU) अपने बॉयज़ और गर्ल्स हॉस्टल में 388 'एंटी-सुसाइड' सीलिंग फैन लगा रही है। इनमें एक स्प्रिंग मैकेनिज्म है जो ज़्यादा ज़ोर लगाने पर अपने आप अलग हो जाएगा और पावर सप्लाई अपने आप बंद हो जाएगी। VNSGU के वाइस-चांसलर किशोर चावड़ा ने बताया कि इन पंखों में एक सेफ्टी मैकेनिज्म लगा है जो ज़्यादा ज़ोर लगाने पर उन्हें अलग होने देता है, और साथ ही बिजली की सप्लाई भी बंद कर देता है। उन्होंने कहा कि यह पहल यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC), सुप्रीम कोर्ट, केंद्र सरकार और गुजरात सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार लागू की जा रही है।
लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल को मिलाकर 800 से ज़्यादा स्टूडेंट्स
चावड़ा ने कहा, "UGC, सुप्रीम कोर्ट, भारत सरकार और गुजरात सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार, हम अपने लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल में 388 'एंटी-सुसाइड' सीलिंग फैन लगा रहे हैं। इन पंखों की खास बात यह है कि इनमें स्प्रिंग मैकेनिज्म लगा है। अगर कोई पंखे से लटकने की कोशिश करता है या उसे ज़्यादा ज़ोर से खींचता है, तो पंखा तुरंत अलग होकर नीचे आ जाता है, और साथ ही पावर सप्लाई भी कट जाती है, मैंने खुद इसे टेस्ट किया है।" यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बताते हुए, वाइस-चांसलर ने कहा कि लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल को मिलाकर 800 से ज़्यादा स्टूडेंट्स रहते हैं। उन्होंने बताया कि इस मैकेनिज्म का मकसद पंखे को ज़्यादा वज़न सहने से रोककर जानलेवा घटनाओं का खतरा कम करना है।
ज़्यादा ज़ोर पड़ने पर पंखे लटके रहने के बजाय अलग हो रहे
चावड़ा ने कहा, "कुल मिलाकर, लड़के और लड़कियों को मिलाकर, यहां 800 से ज़्यादा स्टूडेंट रहते हैं। अगर कोई स्टूडेंट इस पंखे से लटकने की कोशिश करता है, तो स्प्रिंग फैलकर ठीक इसी तरह से निकल जाती है, जिससे तुरंत मेन पावर सप्लाई कट जाती है। इस वजह से, परेशान इंसान की सुसाइड की कोई भी कोशिश नाकाम हो जाएगी।" यह इंस्टॉलेशन यूनिवर्सिटी की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिनसे तय गाइडलाइंस के हिसाब से स्टूडेंट के रहने की जगह पर सेफ्टी के तरीके मज़बूत किए जा सकें। खास पंखे इस तरह से डिज़ाइन किए गए हैं कि ज़्यादा ज़ोर पड़ने पर भी वे लटके रहने के बजाय अलग हो जाएं। इस कोशिश के पीछे का कारण बताते हुए, चावड़ा ने दोहराया कि यूनिवर्सिटी अपनी रहने की जगहों पर पंखे लगा रही है ताकि ज़रूरी निर्देशों और सेफ्टी ज़रूरतों का पालन किया जा सके।
अथॉरिटीज़ की तरफ से जारी गाइडलाइंस के हिसाब से काम
उन्होंने कहा, "इसके पीछे यह है कि, UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन), सुप्रीम कोर्ट, भारत सरकार, गुजरात सरकार और हमारी अथॉरिटीज़ की तरफ से जारी गाइडलाइंस के हिसाब से, हम अपने लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल में 388 ऐसे एंटी-सुसाइड सीलिंग पंखे लगा रहे हैं।" यह कदम सही इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन में स्टूडेंट सेफ्टी पक्का करने की अहमियत पर भी ज़ोर देता है। परेशानी झेल रहे स्टूडेंट्स के लिए इंस्टीट्यूशनल ओवरसी और सपोर्ट सिस्टम।
(इनपुटः ANI)
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