गुरुग्राम में बारिश के बाद जलभराव और ट्रैफिक जाम, 25 अगस्त को वर्क फ्रॉम होम की सलाह
गुरुग्राम (हरियाणा)। भारी बारिश के बाद सोमवार को गुरुग्राम के कई इलाकों में यातायात जाम की स्थिति बनी रही। सुभाष चौक भी उन इलाकों में से एक था जहां यातायात की भारी मार झेलनी पड़ी। वाहन धीमी गति से चल रहे थे और कई इलाकों में जलभराव हो गया था। पहले से ही बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कें और भी बदतर हो गईं।
25 अगस्त को वर्क फ्रॉम होम
भारी बारिश को देखते हुए, गुरुग्राम जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने कॉर्पोरेट कार्यालयों, सरकारी और निजी स्कूलों और अन्य संस्थानों को 25 अगस्त को अपने कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए निर्देशित करने की सलाह दी। यह सलाह गुरुग्राम के जिला मजिस्ट्रेट-सह-जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष द्वारा जारी की गई थी। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम यातायात जाम को कम करने और नागरिक एजेंसियों द्वारा सड़कों और नालियों की मरम्मत और रखरखाव के कार्यों को सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
स्मार्ट शहर की ऐसी स्थिति शर्मनाक
लेखक-स्तंभकार सुहेल सेठ ने शहर में जलभराव और यातायात की स्थिति पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे दृश्य हर मानसून में देखने को मिलते हैं। उन्होंने अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाया और कहा कि एक तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट शहर में ऐसी स्थिति निवेश को भी हतोत्साहित करती है।
यह सिलसिला साल दर साल चलता रहता है
“यह बेहद शर्मनाक है कि गुरुग्राम में रहने वाले हम सभी लोग बेहद दयनीय स्थिति में जी रहे हैं। हम घोर बदहाली में जी रहे हैं; हर मानसून में बाढ़ आती है और हर मानसून में हर सरकार, हर नगर निगम अधिकारी वादा करते हैं कि समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन ऐसा होता नहीं है। हर साल लोग बाढ़ के पानी में करंट लगने से मर रहे हैं, यातायात ठप्प हो गया है। बताइए, अगर भारत के स्मार्ट शहरों की यही हालत है तो कौन भारत में निवेश करना चाहेगा? क्या हमारे पास कोई समाधान नहीं है। यह सिलसिला साल दर साल चलता रहता है। उदासीनता बेहद परेशान करने वाली है। इससे भी बुरी बात यह है कि हम नागरिक इन मुद्दों को उठाते हैं लेकिन कोई परवाह नहीं करता,” उन्होंने कहा।
मनमाने ढंग से लाइसेंस दिए जा रहे हैं
सुहेल सेठ ने कहा कि जल निकासी और सीवेज की समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए। “हमारे कुछ सबसे प्रतिभाशाली इंजीनियरों को जल निकासी और सीवेज व्यवस्था ठीक करने में इतना समय क्यों लग रहा है? भवन निर्माण लाइसेंस देने में व्यापक भ्रष्टाचार हो रहे हैं। उन्हें मनमाने ढंग से लाइसेंस दिए जा रहे हैं। वकोई जवाबदेही नहीं है, यह बेहद शर्मनाक है, हम किस तरह का ब्रांड इंडिया बना रहे हैं? लोगों की कोई परवाह नहीं है। हम अपना रास्ता भटक रहे हैं, हर समाधान के साथ एक समस्या जुड़ी है; हम समाधान नहीं बना रहे हैं,” उन्होंने कहा।
कर्मचारियों को 25 अगस्त को घर से काम करने के लिए निर्देशित
गुरुग्राम डीडीएमए की सलाह में कहा गया है कि सोमवार को जिले में हुई भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की संभावना है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है। इसलिए जिले के कॉर्पोरेट कार्यालयों और सरकारी एवं निजी स्कूलों और संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों को 25 अगस्त को घर से काम करने के लिए निर्देशित करें। प्रशासन ने कहा कि घर से काम करने की सलाह से यातायात जाम से बचने में मदद मिलेगी और नागरिक एजेंसियों को सड़कों और नालियों की मरम्मत और रखरखाव का काम अधिक सुचारू रूप से करने में सहायता मिलेगी। गुरुग्राम के उपायुक्त ने नागरिकों से सलाह का पालन करने और अपनी यात्रा की योजना तदनुसार बनाने का आग्रह किया। (इनपुटः ANI)
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