ऑनलाइन पोर्नोग्राफी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, बीटेक पास मास्टरमाइंड गिरफ्तार
हरदोई (उत्तर प्रदेश)। हरदोई की साइबर थाने की पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित एक बड़े ऑनलाइन पोर्नोग्राफी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इसमें हजारों नाबालिगों के शामिल होने और करोड़ों रुपये का लेन-देन की जानकारी मिली है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान विकास सिंह के रूप में हुई है जो 2019 बैच का बी-टेक स्नातक है।
आरोपी विकास सिंह के खिलाफ केस दर्ज
हरदोई शहर के सर्किल अधिकारी (सीओ) अंकित मिश्रा ने बताया कि 17 मई को साइबर पुलिस थाने को नाबालिगों को निशाना बनाकर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह सफलता मिली। सीओ मिश्रा ने कहा, "17 मई को साइबर पुलिस थाने को हरदोई जिले में विकास सिंह नाम एक व्यक्ति के बारे में सूचना मिली, जो नाबालिगों के बीच आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित कर रहा था।" पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए टीमें तैनात की गई है।
इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर बनाए थे 21 ग्रुप, परोसी जा रही थी अश्लीलता
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने व्यापक जाल बिछाने के लिए लोकप्रिय मैसेजिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया था। सर्किल अधिकारी ने बताया कि, "पूछताछ करने पर पता चला कि विकास ने टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर लगभग 21 ग्रुप और चैनल बनाए थे। इन चैनल के माध्यम से वो अपने उपयोगकर्ताओं को आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो उपलब्ध कराता था। इनमें लोगों की निजता का उल्लंघन करने वाले वीडियो भी शामिल थे।"
नेटवर्क से जुड़े थे 7 हजार नाबालिग, हजारों वीडियो और तस्वीरें बरामद
पुलिस के मुताबित इस नेटवर्क की पहुंच बहुत व्यापक थी और इसके उपयोगकर्ता बेहद संवेदनशील थे। जांचकर्ताओं ने चैनलों पर बड़े पैमाने पर अपलोड किए गए अश्लील सामग्री अपने अधीन ले लिया है। सीओ मिश्रा ने बताया कि करीब 7,000 उपयोगकर्ता उसके विभिन्न ग्रुपों से जुड़े थे। इनमें से अधिकांश नाबालिग थे। कुल मिलाकर उसके ग्रुपों से 10,000 वीडियो और 40,000 अश्लील तस्वीरें बरामद की गईं।"
बैंक खातों में मिले 1.20 करोड़ रुपये, सब्सक्रिप्शन मॉडल पर चल रहा था धंधा
इस ऑपरेशन की वित्तीय जांच में वर्षों से अर्जित भारी अवैध आय का खुलासा हुआ है। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने उसके बैंक खातों की भी जांच की है। इसमें लगभग 1.20 करोड़ रुपये की राशि पाई गई। विकास 2019 का बी-टेक स्नातक है और 2020 से इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है। पुलिस ने बताया कि आरोपी इस नेटवर्क को एक व्यावसायिक सदस्यता सेवा की तरह चलाता था और अपने उपयोगकर्ताओं को अलग-अलग भुगतान योजनाएं प्रदान करता था।
350 रुपये से लेकर 600 रुपये तक के रिचार्ज प्लान पर मिलता था एक्सेस
सीओ मिश्रा ने कहा, "वह अपने उपयोगकर्ताओं को लगभग 350 रुपये की मासिक योजनाएं, 450 रुपये की त्रैमासिक योजनाएं और 600 रुपये की अर्धवार्षिक योजनाएं प्रदान करता था। वह मुख्य रूप से इंटरनेट से सामग्री डाउनलोड करके प्राप्त करता था।" (एएनआई)
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