हरिद्वार में नगर निगम की सीमा से बाहर स्थानांतरित होंगी मांस की दुकानें
हरिद्वार (उत्तराखंड)। हरिद्वार में आगामी धार्मिक आयोजनों को देखते हुए नगर निगम ने ज्वालापुर क्षेत्र से मांस की दुकानों को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। बोर्ड की बैठक के दौरान नगर निगम की सीमा से बाहर कच्चा मांस बेचने वाली दुकानों को शिफ्ट करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
सराय क्षेत्र में नए बाजार की तैयारी
इस योजना के तहत सराय क्षेत्र में लगभग 56 दुकानों का निर्माण किया जाएगा। यहाँ सभी कच्चा मांस विक्रेताओं को स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय हरिद्वार में होने वाले कुंभ मेला और कांवड़ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक समागमों और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
पूरे नगर निगम क्षेत्र में प्रतिबंध लागू
हरिद्वार नगर आयुक्त नंदन कुमार ने कहा, "नगर निगम क्षेत्र में कच्चे मांस की बिक्री पर प्रतिबंध का प्रस्ताव बोर्ड द्वारा पारित कर दिया गया है। इसके लिए हमारे पुराने उपनियमों में संशोधन कर नए उपनियम बोर्ड के सामने रखे गए थे। उपनियमों में संशोधन यह है कि पहले कुछ क्षेत्रों, जैसे कि ज्वालापुर, में यह प्रतिबंध लागू नहीं था। अब इस प्रतिबंध का विस्तार करते हुए पूरे नगर निगम क्षेत्र में कच्चे मांस की बिक्री पर रोक लगा दी गई है और सभी दुकानों को वहां से शिफ्ट किया जाएगा।"
व्यापारियों का विरोध, आजीविका पर संकट
दूसरी ओर, कई वर्षों से अपना कारोबार चला रहे मांस व्यापारियों ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि नया स्थान शहर से काफी दूर है और वहां की स्थितियां अस्वच्छ हैं, साथ ही पास में श्मशान घाट भी स्थित है। उन्हें डर है कि मांस बाजार को इस क्षेत्र में ले जाने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान होगा।
दूरी और परिवहन को लेकर चिंता
एक मांस दुकान स्वामी ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि ग्राहकों को वहां जाने के लिए अतिरिक्त किराया देना होगा और क्षेत्र में यातायात की समस्या के कारण रिक्शा चालक भी जाने से मना कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि पास में ही श्मशान घाट है और ऐसी जगहों के पास इस तरह की दुकानें नहीं चलतीं। इस संबंध में व्यापारियों ने जिलाधिकारी को एक आवेदन भी सौंपा है।
श्मशान घाट के पास स्थान पर उठे सवाल
एक अन्य दुकानदार ने भी श्मशान घाट और स्थान को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की खुद की एनओसी (NOC) के अनुसार मांस की दुकानें मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और श्मशान से दूर होनी चाहिए, लेकिन यहाँ प्रस्तावित स्थल की दीवार ही श्मशान से सटी हुई है। उन्होंने कहा कि निगम अपने ही नियमों का पालन नहीं कर रहा है। साथ ही उन्होंने अलग-अलग प्रकार के मांस के प्रबंधन के लिए बेहतर व्यवस्था की भी मांग की।
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