हरीश रावत ने 2017 और 2022 की चुनावी हार पर सफाई दे

हरीश रावत ने 2017-2022 की हार पर दी सफाई, बोले- 3-4% वोट बढ़े तो सत्ता में आएगी कांग्रेस

Harish Rawat Defends 2017, 2022 Poll Losses; Eyes 3-4% Vote Gain

उत्तराखंड (देहरादून)। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए रावत ने कहा कि कुछ लोग, जिनमें पत्रकार मित्र भी शामिल हैं, दोनों चुनावों की हार की जिम्मेदारी उनके ऊपर डालने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी आलोचना का अधिकार है, लेकिन उन्हें अपनी सफाई रखने का भी हक है।

2017 में उत्तर प्रदेश की लहर का किया जिक्र

हरीश रावत ने 2017 के विधानसभा चुनाव को याद करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश से उठी हिंदुत्व की प्रचंड लहर का असर उत्तराखंड पर भी पड़ा। उनके मुताबिक, ऐसी राजनीतिक आंधी को रोकने के लिए उनके पास पर्याप्त शक्ति नहीं थी। उन्होंने अपने बयान में बनारस, प्रयाग और हरिद्वार का जिक्र करते हुए कहा कि जब उत्तर प्रदेश में इस तरह की राजनीतिक परिस्थितियां बन रही थीं, तो उत्तराखंड का उससे अछूता रहना संभव नहीं था।

2022 के चुनाव को लेकर भी रखी अपनी बात

रावत ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी परिस्थितियां कुछ ऐसी ही थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एक साथ चुनाव नहीं हुए होते, तो क्या राज्य के चुनावी नतीजे अलग हो सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उत्तराखंड में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए दो ऐसे दावे किए, जिन्हें उन्होंने “कोरे झूठ” बताया। साथ ही उन्होंने चुनाव में धन-शक्ति और जन-शक्ति के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया।

कांग्रेस के वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी का दावा

हरीश रावत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और उत्तराखंड की जनता के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद कांग्रेस 2012 में सत्ता में आने के दौरान मिले वोट प्रतिशत को लगभग बनाए रखने में सफल रही। उन्होंने दावा किया कि 2022 के चुनाव में कांग्रेस के वोट प्रतिशत में वृद्धि हुई, जबकि उनके मुताबिक इस अवधि में उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में कांग्रेस के वोट प्रतिशत में ऐसी वृद्धि देखने को नहीं मिली।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत को नजरअंदाज न करने की अपील

रावत ने कहा कि जो लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं, उन्हें 2017 और 2022 में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कठिन राजनीतिक परिस्थितियों के बीच किए गए संघर्ष को भी याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार दोनों चुनावों की हार का जिक्र करना उन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत और साहस का भी अपमान है, जिन्होंने इन परिस्थितियों में पार्टी के लिए काम किया।

3-4 प्रतिशत वोट बढ़ा तो सत्ता में आएगी कांग्रेस

अपने बयान के अंत में हरीश रावत ने आगामी चुनाव को लेकर कांग्रेस के लिए उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस इस बार अपने वोट शेयर में 3-4 प्रतिशत की और बढ़ोतरी करने में सफल रहती है, तो पार्टी उत्तराखंड में सत्ता में वापसी कर सकती है। रावत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड कांग्रेस में चुनावी रणनीति और पिछले चुनावों के प्रदर्शन को लेकर चर्चा जारी है। उन्होंने अपने बयान के जरिए 2017 और 2022 की हार के लिए केवल एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने के बजाय व्यापक राजनीतिक परिस्थितियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भूमिका को देखने की बात कही है।

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