वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में हरियाली तीज का पर

स्वर्ण-रजत हिंडोले में झूले बांके बिहारी लाल, जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर

Banke Bihari Lal swings on a golden-silver swing

मथुरा: वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में शनिवार को हर साल की तरह हरियाली तीज का पावन पर्व हिंडोला उत्सव के रूप में हर्षोल्लास से मनाया गया। वैसे तो हरियाली-तीज पर ब्रज के सभी प्रमुख मंदिरों में झूलनोत्सव के अंतर्गत झूले सजाये जाते हैं और ठाकुरजी को झूला झुलाकर प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया जाता है, लेकिन ब्रज की प्रसिद्ध हरियाली तीज पर्व की विशेष धूम जग प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर में दिखाई दी। 

बांके बिहारी को हिंडोले में किया गया विराजमान

यहां सुबह ठाकुर बांके बिहारी लाल को मंदिर के गर्भ-गृह से बाहर निकालकर करीब 32 फुट चौड़े व 12 फुट ऊंचे विशाल स्वर्ण- रजत निर्मित हिंडोले में विराजमान कराया गया और उनके दोनों ओर खड़ीं सखियां प्रतीकात्मक रूप में उन्हें झूला झुला रही थीं।हरियाली-तीज के मौके पर हरे रंग के महत्त्व को देखते हुए ठाकुरजी और सखियों को हरे रंग की विशेष पोशाक धारण कराई गई। साथ ही मंदिर में सावन का एहसास कराने के लिए सावन के सभी रंगों से सजावट की गई। इस दौरान ठाकुरजी को भोग भी इस पर्व की विशेष मिठाई घेवर-फैनी अर्पित किया गया। 

सुबह 6.30 बजे दर्शनार्थियों के लिये खोल दिए गए मंदिर के पट

ठाकुर जी की थकान मिटाने यानी विश्राम के लिए सुख सेज भी सजाई गई। प्राचीन मान्यता के अनुसार, मंदिर बंद होने के बाद ठाकुरजी को यहां विश्राम कराया जाता है। वहीं मंदिर के आंतरिक परिसर में हिंडोले की तैयारियां सम्पन्न हो जाने के बाद सुबह 6.30 बजे दर्शनार्थियों के लिये मन्दिर के पट खोल दिये गए। बस फिर क्या था इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे भक्त उत्साह और उमंग के साथ अंदर प्रवेश करने लगे।

बांकेबिहारी लाल के जयकारों से गूंट उठा मंदिर परिसर 

भक्तों ने जब अपने आराध्य को स्वर्ण-रजत बेशकीमती हिंडोले में झूलते हुए देखा तो उनके आनंद का ठिकाना नहीं रहा। वे स्वयं को धन्य महसूस करने लगे। मंदिर परिसर की भव्य सजावट के साथ ही ठाकुरजी की हरे रंग की पोशाक और स्वर्ण-रजत के आकर्षक श्रृंगार से मन को मोहने वाला सौंदर्य भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था, जिसके चलते संपूर्ण मंदिर परिसर बांकेबिहारी लाल के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। वहीं कुछ श्रद्धालु महिलाओं ने मल्हार गाकर अपनी खुशी व्यक्त की। 

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