बोस्टन। हाल ही में बोस्टन में आयोजित अमेरिकन हार्ट

हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट, पेट की चर्बी से होता है दिल का रिश्ता

हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट, पेट की चर्बी से होता है दिल का रिश्ता

बोस्टन। हाल ही में बोस्टन में आयोजित अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) की एक कॉन्फ्रेंस में ताइवान की 'नेशनल यांग मिंग चियाओ तुंग यूनिवर्सिटी' ने एक महत्वपूर्ण रिसर्च पेश की गई। इस शोध के अनुसार, आपके शरीर के कुल वजन से कहीं ज्यादा यह मायने रखता है कि आपके शरीर में फैट कहाँ जमा है।

​क्या है रिसर्च?

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों की 'तोंद' (Belly Fat) निकली होती है, उनमें हार्ट फेल्योर और अन्य हृदय रोगों का जोखिम काफी अधिक होता है। अक्सर लोग वजन (BMI) को स्वास्थ्य का पैमाना मानते हैं, लेकिन रिसर्च कहती है कि अगर आपका वजन सामान्य है पर कमर का घेरा ज्यादा है, तो भी आप जोखिम में हैं। बेली फैट शरीर में 'सिस्टमिक इन्फ्लेमेशन' पैदा करता है, जो धीरे-धीरे दिल की रक्त धमनियों को नुकसान पहुँचाता है।

विशेषज्ञ के छह नियम से घटाएं ​बेली फैट

​अधिक चीनी का सेवन सीधे तौर पर पेट के फैट को बढ़ाता है। सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स और मिठाईयों से दूरी बनाएं। ​अपने भोजन में दालें, पनीर, अंडे या सोयाबीन शामिल करें। प्रोटीन भूख को कम करता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है। ​रिफाइंड कार्ब्स जैसे मैदा, सफेद चावल और ब्रेड की जगह ओट्स, दलिया या मल्टीग्रेन चीजों का सेवन करें। ​ताजी सब्जियां और फल अधिक खाएं। सॉल्युबल फाइबर पेट के आसपास की चर्बी को पिघलाने में मदद करता है। ​रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज चलें (Brisk Walking), जॉगिंग करें या साइक्लिंग करें।

​तनाव और कम नींद के कारण शरीर में 'कोर्टिसोल' हार्मोन बढ़ता है, जो सीधे पेट पर चर्बी जमा करने का काम करता है। ​कमर का बढ़ता साइज सिर्फ फिटनेस का मुद्दा नहीं है, बल्कि दिल की सेहत का संकेत है।

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