ओडिशा में गहरे दबाव के कारण भारी बारिश, 10,0000 लोग सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरि
भुवनेश्वर (ओडिशा)। ओडिशा में गहरे दबाव के कारण शुक्रवार को भारी बारिश हुई जिसके तहत कम से कम 24 स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण नदियों के उफनाने, भूस्खलन और जलभराव के चलते अधिकारियों को स्कूल बंद करने को विवश होना पड़ा। तटीय राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में निचले इलाकों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के करीब 10,000 लोगों को 200 राहत केंद्रों में स्थानांतरित किया गया है। एक दिन पहले आंध्र प्रदेश के तट से टकराया गहरे दबाव का क्षेत्र ओडिशा में प्रवेश कर गया था।
सबसे अधिक प्रभावित जिले और नदियों का बढ़ता जलस्तर
नबरंगपुर जिले का तेंतुलीखुंटी 395 मिलीमीटर बारिश के साथ सबसे अधिक प्रभावित रहा, जिसके बाद नंदाहांडी में 344 मिलीमीटर और कोरापुट के बोरीगुमा में 307.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस आपदा से दक्षिणी ओडिशा के छह जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। बालासोर जिले में जलाका और बुधबलंगा तथा जाजपुर में बैतरणी और कानी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। राज्य सरकार ने राहत कार्यों के लिए ओडीआरएफ की 33 टीमों और अग्निशमन सेवा के 300 से अधिक दलों को तैनात किया है।
भूस्खलन और यातायात पर असर
कंधमाल जिले में कलिंग घाट पर भूस्खलन से सुरक्षा दीवार ढह गई और खल्लिकोट के बड़ा घाटी में राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर चट्टानें गिरने से यातायात बाधित हुआ। गजपति, मलकानगिरी और रायगड़ा में भी भूस्खलन व पेड़ उखड़ने से सड़कें व रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। मौसम विभाग के अनुसार, यह प्रणाली कमजोर होकर दबाव में बदल चुकी है और छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय है। ब्रह्मपुर शहर के कई हिस्से अभी भी जलमग्न हैं और सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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