भारी बारिश और शहर के कई हिस्सों में भीषण जलभराव को

प्रयागराज में भारी बारिश और जलभराव का कहर, 18 अगस्त को सभी स्कूल बंद

Heavy Rain in Prayagraj, Schools Shut on Aug 18

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) [भारत]: भारी बारिश और शहर के कई हिस्सों में भीषण जलभराव को देखते हुए प्रयागराज में मंगलवार, 18 अगस्त को सभी स्कूल बंद रहे। प्रशासन ने छात्रों, शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 'वर्षा दिवस' की छुट्टी घोषित की।

सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू रहा फैसला

यह आदेश सभी बोर्डों के परिषद, माध्यमिक और मान्यता प्राप्त व सहायता प्राप्त विद्यालयों पर लागू रहा। पूर्व-प्राथमिक से लेकर कक्षा 12 तक के हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी इसमें शामिल रहे। प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने एहतियाती कदम के तौर पर स्कूल बंद रखने का फैसला लिया।

भारी बारिश से शहर में जलभराव

प्रयागराज के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण सड़कों, निचले इलाकों और एक अंडरपास में भीषण जलभराव हो गया। इससे शहर के कई हिस्सों में यातायात और लोगों के आवागमन पर असर पड़ा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तर प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने 17 से 23 अगस्त के बीच सक्रिय मानसून की स्थिति के कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।

अगले सप्ताह और तेज हो सकती है बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी हरियाणा के ऊपर बने कई चक्रवाती परिसंचरण, मानसूनी दबाव क्षेत्र में बदलाव और बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र के कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। राज्य में इस मानसून सीजन में बारिश की कमी बनी हुई है। सोमवार तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य 526.0 मिमी के मुकाबले 386.4 मिमी बारिश हुई है, जो 27 प्रतिशत कम है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य 454.6 मिमी के मुकाबले 416.0 मिमी बारिश दर्ज की गई, यानी 8 प्रतिशत की कमी है। पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य 496.3 मिमी के मुकाबले 398.6 मिमी बारिश हुई है, जो 20 प्रतिशत कम है।

सोनभद्र में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों में सोनभद्र के चुरक में सबसे अधिक 147.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। आईएमडी ने पूरे सप्ताह कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। आईएमडी ने निचले इलाकों और अंडरपास में जलभराव, नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी, कच्चे ढांचों को नुकसान और कम दृश्यता की चेतावनी दी है। फिसलन भरी सड़कों के कारण यातायात प्रभावित होने और फसलों को नुकसान की भी आशंका जताई गई है।

लोगों और किसानों को सावधानी बरतने की सलाह

नागरिकों को बाढ़ संभावित और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने और गैर-जरूरी यात्रा न करने को कहा गया है। आईएमडी ने आंधी-तूफान के दौरान नदी किनारे जाने से बचने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करने की भी सलाह दी है। किसानों को खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करने, भारी बारिश के दौरान उर्वरक और कीटनाशकों का इस्तेमाल स्थगित करने तथा गन्ने और केले जैसी लंबी फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है।

(एएनआई)

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