उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन-3 के

यूपी में प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन-3 पर हाईकोर्ट ने लगायी रोक

फाइल फोटो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन-3 के तहत चल रही प्रक्रिया पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने यह रोक बाराबंकी की संगीता पाल समेत 29 प्राथमिक शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई के बाद लगायी है। 

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा चलायी जा रही प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन-3 के प्रक्रिया पर आगे कार्यवाही पर 19 जनवरी तक के लिए रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी तय करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है।

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी शासनादेश को रद्द करने का आग्रह

हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह ने यह आदेश बाराबंकी की संगीता पाल समेत 29 प्राथमिक शिक्षकों की प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन/स्थानांतरण 3 के शासनादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिया है। याचिकाओं में 14 नवंबर 2025 के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी शासनादेश को रद्द करने का आग्रह किया गया है।

कोर्ट ने याचियों को प्रदान की अंतरिम राहत

याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एच जी एस परिहार का कहना था कि यह शासनादेश आरटीई अधिनियम समेत बेसिक शिक्षा अधिनियम, 1981 के नियमों का उल्लंघन करने वाला है। इसके नियम 21 के तहत शिक्षक की सहमति के बाहर समायोजित न किए जाने की दलील दी। कहा इस समायोजन से जहां शिक्षकों की वरिष्ठता पर असर पड़ रहा है, वहीं अन्य विसंगतियां भी पैदा हो रही हैं। कोर्ट ने याचियों को मामले में अंतरिम राहत प्रदान की है। साथ ही राज्य सरकार को मामले में जवाब पेश करने का समय दिया है।

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