लखनऊ। सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में कार्रवाई

सरकारी धन के दुरूपयोग पर लोकायुक्त व खीरी डीएम के खिलाफ हाईकोर्ट सख्त

Accountability in India

लखनऊ। सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में कार्रवाई न होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि इस प्रकरण में अधिकारियों और लोकायुक्त की सहनशीलता समझ से परे है। कोर्ट ने लोकायुक्त, लखीमपुर खीरी की डीएम और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों, संबंधित ग्राम विकास अधिकारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तिथि तय करते हुए

जनहित याचिका पर सुनवाई

अरुण भंसाली और जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश मो. सलीम की जनहित याचिका पर दिया।

पहले भी हुआ था घोटाले का मामला

याची का कहना था कि खीरी जिले में तैनाती के दौरान ग्राम विकास अधिकारी अहमद हसन ने अपने साथ काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फुरकान अली के खाते में 6.03 लाख का सरकारी धन स्थानांतरित कर दिया था। जांच में दोषी मिलने पर 8 जून 2020 को अहमद हसन की एक वेतनवृद्धि रोकने और सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करने की सजा दी गई।

दोबारा किया गया बड़ा ट्रांसफर

याची का कहना है कि इतनी साधारण सजा मिलने से कर्मचारी का हौसला बढ़ गया और 10 अप्रैल 2023 को उसने फिर 95.94 लाख रुपये सरकारी धन उसी कर्मचारी के व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर कर दिया।

लोकायुक्त में शिकायत भी बेअसर

कहा, इस मामले में समुचित कार्रवाई न होने पर लोकायुक्त से इसकी शिकायत की गई। लोकायुक्त ने यह कहकर शिकायत समाप्त कर दी कि पहले मामले में संबंधित अधिकारी को समुचित दंड मिल चुका है।

अब कोर्ट से कड़ी कार्रवाई की मांग

इस पर याची ने मामले में अदालत से कड़ी कार्रवाई के निर्देश देने का अनुरोध किया था।

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