असम में और तेज होंगे बेदखली अभियान, जमीन का 'हर इंच' वापस लेने तक नहीं रुकेंगे: हिमंत बिस्वा सरमा
गुवाहाटी (असम): असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार बेदखली अभियान जारी रखेगी और यह तब तक नहीं रुकेगा, जब तक जमीन का "हर इंच" हिस्सा वापस नहीं ले लिया जाता। धुबरी जिले में सैकड़ों घरों को गिराए जाने और करीब 4,000 लोगों के विस्थापित होने की खबर देने वाली एक विदेशी मीडिया आउटलेट की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने यह बात कही।
'अभी और भी बहुत कुछ आना बाकी है'
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अभी और भी बहुत कुछ आना बाकी है। हम तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक हमारी जमीन का हर इंच हिस्सा वापस नहीं मिल जाता।" मीडिया आउटलेट की पोस्ट में दावा किया गया था कि ये तोड़फोड़ अभियान उन परिवारों को बेदखल करने के लिए सरकार की कार्रवाई का हिस्सा थे, जिनके बारे में आरोप था कि वे इलाके में अवैध रूप से रह रहे हैं। पोस्ट में कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया गया था, जिनमें दावा किया गया था कि विस्थापित हुए ज्यादातर लोग बंगाली भाषी मुस्लिम थे।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
इससे पहले मंगलवार को सरमा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मॉक पार्लियामेंट (प्रतीकात्मक संसद) में प्रधानमंत्री बन सकते हैं, लेकिन वास्तविक संसद में नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बने रहेंगे। विपक्ष के प्रतीकात्मक महाभियोग कार्यक्रम और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ निकाले गए मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके। सरमा ने कहा, "सोनिया जी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना चाहती थीं और इसके लिए कई प्रयास किए गए। लेकिन जब कोई भी प्रयास सफल नहीं हुआ, तो उन्होंने खड़गे जी के आवास के लॉन में एक मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया, जहां वह (राहुल गांधी) पीएम बन गए। वास्तविकता यह है कि मॉक पार्लियामेंट में राहुल गांधी पीएम होंगे और संसद में मोदी जी पीएम होंगे।"
ANI
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