संजौली इलाके में मस्जिद ढांचे को लेकर चल रहे विवाद

संजौली मस्जिद में नमाज न पढ़ने की हिंदू संगठनों ने की अपील

संजौली मस्जिद में नमाज न पढ़ने की हिंदू संगठनों ने की अपील

शिमला। यहां संजौली इलाके में मस्जिद ढांचे को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिंदू संगठनों ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि मामले के अदालत में लंबित रहने तक विवादित इमारत के अंदर जुमे की नमाज़ अदा न करें। उन्होंने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के यथास्थिति बनाए रखने के आदेश और इससे पहले नगर निगम आयुक्त के तीन मंज़िलें गिराने के आदेश का हवाला दिया।

देवभूमि संघर्ष समिति से जुड़े नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि वे कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं और उम्मीद करते हैं कि 9 मार्च को होने वाला फैसला निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखेगा जिसमें मस्जिद ढांचे की तीन ऊपरी मंज़िलों को तोड़ने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने स्थानीय मुस्लिम समुदाय से अपील की कि अंतिम कानूनी समाधान आने तक विवादित ढांचे में एंट्री न करके साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखें।

संगठन के संयोजक विजय शर्मा ने भी कहा कि हाई कोर्ट का यथास्थित बनाए रखने के आदेश किसी भी तरह विवादित हिस्से में नमाज़ पढ़ने की इजाजत नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि ऐसा कोई कार्य न किया जाए जिससे तनाव बढ़े। दोनों समुदाय न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें।

शांति से हो जुमे की नमाज

दूसरी ओर, संजौली मस्जिद कमेटी के चेयरमैन लतीफ़ नेगी ने कहा कि जमीन वक्फ बोर्ड की है और अवैधता सिर्फ़ फालतू तामीर से जुड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए एक और मंज़िल जल्द ही हटा देंगे, साथ ही यह भी कहा कि जुमे की नमाज़ पहले की तरह शांतिपूर्वक जारी रहनी चाहिए। नेगी ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और अदालत के निर्देशों का पालन करने की अपील की।

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