मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला और मालदा जिले के इंरेज

लालगोला और इंगलिश बाजार में बने होल्डिंग सेंटर, सीधे BSF को सौंपे जाएंगे पकड़े गए घुसपैठिए

फाइल फोटो

कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से हरेक जिलाधिकारियों को दिए गए निर्देश के मद्देनजर मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला और मालदा जिले के इंरेजबाजार में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्यायों के लिए होल्डिंग सेंटर खोले गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला होल्डिंग सेंटर में तीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को रखा गया है। मालदा जिले के इंरेजबाजार होल्डिंग सेंटर में 9 बांग्लादेशी घुसपैठियों को रखा गया है। 9 बांग्लादेशी घुसपैठियों में तीन महिलाएं और छह बच्चे शामिल है।

बीएसएफ को सौंपे जाएंगे घुसपैठिए

बांग्लादेश की सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और मालदा जिलों में मुस्लिमों को काफी आबादी है। इन्हीं दोनों जिलों में एसआईआर में सबसे अधिक मुस्लिम वोटरों को नाम वोटरलिस्ट से हटे थे। मुर्शिदाबाद और मालदा जिले में ही बांग्लादेशी घुसपैठियों की ज्यादा संख्या में पकड़े गए हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों जिलों के होल्डिंग सेंटर से बांग्लादेशी घुसपैठियों को बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) को सौंप दिया जाएगा और बीएसएफ ही उन्हें बांग्लादेश भेजने की कार्यवाही करेगा।

असम की तरह नहीं बनेंगे डिटेंशन कैंप

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हावड़ा में प्रशासनिक बैठक में यह निर्देश दिया था कि अब पकड़े जाने वाले बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्यायों को थाना-कोर्ट में नहीं भेज कर सीधे बीएसएफ के हवाले कर दिया जाए। बीएसएफ के हवाले करने के दौरान कुछ समय लग सकता है, तब तक उन्हें होल्डिंग सेंटर में रखा जाएगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में असम की तरह डिटेंशन कैंप खोलना बिल्कुल मना कर दिया है। गौरतलब है कि टीएमसी ने विधानसभा चुनाव में यह प्रचार किया था कि इस राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर डिटेंशन कैंप खोले जाएंगे। लेकिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इसके उलट निर्णय लिया है।

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