धार में नर्मदा किनारे इंसानों का दखल बढ़ा तो वन्य जीवों ने भी बदल लिया अपना रास्ता
धार। नर्मदा पट्टी क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए की आहट ने स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना दिया है। धार जिले के निसरपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम करौंदिया में उस समय हड़कंप मच गया, जब रात के समय खेत पर कृषि कार्य (जुताई) कर रहे एक किसान के ट्रैक्टर के सामने अचानक एक तेंदुआ आ गया। तेंदुआ कुछ समय तक ट्रैक्टर के आगे-आगे चलता रहा, जिसका किसान ने मोबाइल से वीडियो भी बना लिया।
यह वीडियो अब पूरे क्षेत्र में तेजी से वायरल हो रहा है। जंगलों के लगातार सिमटने और नर्मदा तट पर मानवीय गतिविधियों के बढ़ने के कारण वन्य जीव अब रिहाइशी इलाकों और खेतों का रुख करने लगे हैं।
खेत पर मिले पगमार्क
क्षेत्र के खेतों में तेंदुए के पगमार्क (पैरों के निशान) मिलने के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। विभाग की टीम ने संभावित क्षेत्रों में सर्चिंग और गश्त तेज कर दी है।
बैकवॉटर बना मुख्य कारण
विशेषज्ञों और वन विभाग का मानना है कि इंदिरा सागर और सरदार सरोवर परियोजना के विस्तृत बैकवॉटर (जलभराव) के कारण वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास जलमग्न हो चुके हैं। जंगल और गुफाएं पानी में डूबने की वजह से जंगली जानवर अब सुरक्षित ठिकानों की तलाश में इंसानी बस्तियों और खेतों की तरफ रुख कर रहे हैं।
पर्यावरणीय संतुलन के लिए बड़ी चेतावनी
वन्य जीवों का इस तरह अपना प्राकृतिक रास्ता बदलकर इंसानी आबादी में आना पर्यावरणविदों द्वारा एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। यह स्थिति इंसानों और वन्य जीवों के बीच संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) को बढ़ा रही है, जो दोनों के लिए ही बेहद खतरनाक है।
ग्रामीणों में डर गहराया
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में जंगलों में पानी की कमी और बैकवॉटर के फैलाव के कारण तेंदुए अक्सर नर्मदा किनारे के खेतों में देखे जा रहे हैं। वन विभाग ने नदी किनारे बसे गांवों और खेतों में काम करने वाले किसानों को रात के समय सतर्क रहने तथा अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी है।
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