हुमायूं कबीर और मोहम्मद सलीम के बीच चुनावी तालमेल पर चर्चा, टीएमसी ने बताया भाजपा की साजिश
कोलकाता। टीएमसी से निष्कासित मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और नवगठित जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर और माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने बैठक कर विधानसभा चुनाव में तालमेल पर चर्चा की। उनकी यह पहली बैठक है।
चुनावी तालमेल के लिए मोहम्मद सलीम से हुई प्रारंभिक बातचीत
बैठक के बाद जेयूपी के आला हुमायूं कबीर ने कहा कि उनकी माकपा राज्य सचिव मोहम्मद सलीम से चुनावी तालमेल के लिए प्रारंभिक बातचीत हुई है। मोहम्मद सलीम वाम मोर्चा के दूसरे घटकों से बातचीत कर फिर बातचीत करेंगे।
कांग्रेस से तालमेल की संभावना नहीं
जेयूपी नेता हुमायू कबीर ने कहा कि वे इस विधानसभा चुनाव में टीएमसी और भाजपा विरोधी पारियों के बीच आपसी तालमेल चाहते हें और इसके लिए सभी से चर्चा कर रहे हैं। कांग्रेस से तालमेल होने की संभावना नहीं है। लेकिन आईएसएफ, एआईएमआईएम और दूसरी पार्टियों से तालमेल हो सकती है।
टीएमसी और भाजपा को रोकने के लिए चुनावी तालमेल जरूरी
इंडियन सेकुलर पार्टी (आईएसएफ) के अध्यक्ष और विधायक नौशाद सिद्दकी ने भी कहा कि उनकी पार्टी और जेयूपी के हुमायूं कबीर के बीच चुनावी तालमेल के बारे में चर्चा चल रही है। माकपा चाहेगी तो वे उससे भी चर्चा करेंगे। नौशाद सिद्दकी का कहना है कि टीएमसी और भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए उनकी विरोधी पार्टियो के बीच चुनावी तालमेल जरूरी है।
टीएमसी का भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप
टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष का कहना है कि हुमायूं कबीर और मोहम्मद सलीम ने उसी होटल में बैठक की जिस होटल में भाजपा बैठक किया करती है। उनका इशारा है कि इन पार्टियों की ओर से भाजपा को फायदा पहुंचाया जा रहा है।