रात में हुई भारी वर्षा के बाद मथुरा-वृंदावन के कई

मथुरा में बारिश के बाद जलभराव की शिकायतों पर तुरंत एक्शन, निगम की टीमों ने संभाली कमान

Immediate action taken regarding vehicles stranded in waterlogging following rain in Mathura, municipal teams have taken charge

मथुरा (उत्तर प्रदेश)।  रात में हुई भारी वर्षा के बाद मथुरा-वृंदावन के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सुबह होते ही जलभराव की शिकायतें नगर निगम तक पहुंचने लगीं। शहर के प्रमुख मार्गों और अंडरपासों में पानी भरने की सूचना को नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल निगम की टीमों को मौके पर भेजा। नगर निगम की तत्परता से भूतेश्वर अंडरपास, कंकाली क्षेत्र और न्यू बस स्टैंड अंडरपास में जल निकासी का काम तेजी से शुरू कराया गया।

दो घंटे के भीतर अधिकांश पानी पंपों की सहायता से निकाला

नगर निगम की विशेष टीमें सुबह करीब छह बजे से ही जलभराव वाले क्षेत्रों में सक्रिय हो गईं। उपलब्ध पंपों को तत्काल चालू कर पानी निकालने का काम शुरू किया गया। निगम कर्मचारियों और पंप ऑपरेटरों ने लगातार मौके पर रहकर जल निकासी की निगरानी की। अधिकारियों के अनुसार, तीनों प्रमुख स्थानों पर करीब एक से दो घंटे के भीतर अधिकांश पानी पंपों की सहायता से निकाल दिया गया, जिसके बाद यातायात को सुचारु कराया गया।

श्रद्धालुओं और आमजन को नहीं होने दी परेशानी

मथुरा-वृंदावन में इन दिनों देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आवागमन लगातार बना हुआ है। ऐसे में प्रमुख मार्गों और अंडरपासों में बारिश का पानी भरने से यातायात प्रभावित होने की आशंका थी। नगर निगम ने इसे ध्यान में रखते हुए जलभराव की सूचना मिलते ही संसाधनों को मौके पर पहुंचाया। समय रहते पानी की निकासी होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

जल निकासी के बाद यातायात सामान्य रूप से संचालित

भूतेश्वर अंडरपास और न्यू बस स्टैंड अंडरपास जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर जलभराव होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती थी। निगम की टीमों ने पंपों के जरिए पानी निकालने के साथ ही मौके की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी। जल निकासी के बाद इन स्थानों पर यातायात सामान्य रूप से संचालित होने लगा। बारिश के दौरान फील्ड में सक्रिय रहेंगी टीमें

प्रशासन ने क्षेत्रों की लगातार निगरानी के दिए निर्देश

नगर निगम प्रशासन ने जलभराव की स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों और पंप ऑपरेटरों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। टीमों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि बारिश दोबारा होने पर किसी भी स्थान पर पानी जमा होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। 

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