लखनऊ में दिख रहा दिल्ली में भीषण अग्निकांड का असर, अलर्ट मोड में यूपी प्रशासन
लखनऊ: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड हादसे के बाद अब यूपी प्रशासन और फायर विभाग हाई अलर्ट मोड में है। राजधानी लखनऊ में भी होटल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की तैयारी शुरू हो गई है। .
लखनऊ के करीब 290 होटलों की होगी सुरक्षा ऑडिट
लखनऊ के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल ने कहा है कि सभी होटलों में ड्राइव चलाई जा रही है। सभी स्टेशन प्रभारी अपने-अपने इलाकों में होटलों की जांच कर रहे हैं। लापरवाही मिलने पर इनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। लखनऊ के तहत शहर के करीब 290 होटलों का सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा। इस फैसले के तहत विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम गठित की जाएगी, जो होटल में अग्नि सुरक्षा भवन मानको समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जांच करेगी।
अलर्ट मोड में यूपी प्रशासन
दिल्ली हादसे से सबक लेते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण और दमकल विभाग ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने का फैसला किया है। सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी को परखने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं। शहर के करीब 290 होटलों का एक ज्वाइंट ऑडिट किया जाएगा। इस पूरे अभियान को अगले 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। लखनऊ के डीजी फायर खुद आग से बचाव के इंतजामों की जमीनी जांच कर रहे हैं। घनी आबादी वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई इमारतों पर भी कार्रवाई की जाएगी। बहुमंजिली इमारतों और रेस्टोरेंट के खिलाफ सुरक्षा मानकों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की तैयारी
होटलों में आग बुझाने के उपकरण, आपातकालीन निकास और पानी के प्रेशर की मौके पर टेस्टिंग की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले या बिना फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के चल रहे प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
कोताही ना बरतने की दी गई चेतावनी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में हुए दर्दनाक हादसे पर शोक जताते हुए उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है। निर्देश के तहत यूपी में सभी हाईराइज इमारतों, अस्पतालों, होटलों, मॉल और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की जांच और गहन परीक्षण कराया जा रहा है। आदेश के अनुसार फायर विभाग सभी मानकों की समीक्षा में जुट गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोका जा सके। सीएम योगी के निर्देश पर संबंधित विभागों को सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही ना बरतने की चेतावनी भी दी गई है।