गज-लोक परियोजना का शुभारंभ, दिखेगी सिंधु घाटी की अद्भुत विरासत
Madhya Pradesh : भोपाल। भारतीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट ने प्रोजेक्ट गज-लोक (एफीलेंट लैड्स एंड देयर कल्चरल सिम्बोलिज्म इन एशिया) नामक ऐतिहासिक परियोजना का शुभारंभ किया। यह बहु-राष्ट्रीय सांस्कृतिक व प्राकृतिक पहल एशियाई हाथ से जुड़ी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, पारिस्थितिक और जलवायु-सहनशीलता संबंधी विरासत के दस्तावेजीकरण एव अध्ययन पर केंद्रित है। परियोजना में 19 से 25 नवंबर तक सार्वजनिक प्रदर्शनी और 20 नवंबर को गोलमेज बैठक का आयोजन INTACH मुख्यालय, नई दिल्ली में होगा।
यह कार्यक्रम अमूर्त सांस्कृतिक विरासत प्रभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य एशिया के विभिन्न देशों के विद्वानों, सांस्कृतिक विशेषज्ञों और संरक्षणवादियों को एक साझा मंच पर लाना है। गज-लोक प्रदर्शनी में सिंधू घाटी की प्राचीन मुहरों, भरहुत रेलिंग, कोणार्क मंदिर की मूतियों, दक्षिण पूर्व एशिया की कलाकृतियों और एशियाई सभ्यताओं में हाथी की उपस्थिति से जुड़े दुर्लभ पुरावशेषों को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रदर्शनी हाथी की भूमिका को कला, अध्यात्म, इतिहास और समाज में निभाए गए योगदान को रेखांकित करती है। 20 नवंबर को आयोजित गज-लोक गोलमेज बैठक में मानव-हाथी संबंधों का इतिहास, पारिस्थितिक चुनौतियों, सह- अस्तित्व की नौतिकता औऱ अंतरराष्ट्रीय विरासत सहयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इस अवसर पर हाथी विषयक विशेषज्ञों-प्रो. रमन सुकुमार, श्री विवेक मेनन, प्रो. प्रतय नाथ और डॉ. अर्चना शास्त्री को व्याखान श्रृंखला का भी आयोजन होगा।
गज-लोक परियोजना केवल एक सांस्कृतिक पहल नहीं है, बल्कि यह मनुष्य और पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण संबंध को सम्मान देने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/state/blo-dies-on-the-second-day-of-suspension/98274
Madhya Pradesh : सागर। मध्यप्रदेश में एसआईआर सर्वे की जिम्मेदारीशिक्षकों दी गई है। इससे उन पर काम का बोझ ब़ढ़ गया है। इसके साथ ही काम में लापरवाही पर भी शिक्षकों पर कार्रवाई की जा रही है। झाबुआ के बीएलओ की निलंबन के अगले दिन ही मौत हो गई। मालूम हो कि जिला निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ को काम में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया था। परिवार का कहना है कि निलंबन आदेश मिलने के बाद से तनाव में थे। इससे पहले भी एक घटना हुई थी। 11 नवंबर को दतिया में एक शिक्षक ने स्कूल परिसर में फांस पर झूल गया था। जांच में पता चला कि शिक्षक एसआईआर के तनाव में था।