जुलाई में भारत का चालू खाता घाटा बढ़कर 7 अरब डॉलर पहुंचा
नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा मंगलवार को जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, भारत का चालू खाता घाटा जुलाई 2026 में बढ़कर 7 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो एक वर्ष पहले इसी अवधि में 3.2 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसका मुख्य कारण व्यापार घाटे में वृद्धि है। चालू खाता घाटा, जो व्यापार, सेवाओं, आय और हस्तांतरण पर अर्जित और खर्च की गई विदेशी मुद्रा के बीच के अंतर को दर्शाता है, अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान 11.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि 2025 की इसी अवधि में यह 6.6 अरब अमेरिकी डॉलर था।
जुलाई में व्यापार घाटा बढ़कर 31.7 अरब डॉलर हुआ
व्यापार घाटा जुलाई में बढ़कर 31.7 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 28.2 अरब अमेरिकी डॉलर था। माल निर्यात बढ़कर 45.1 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष 37.4 अरब अमेरिकी डॉलर था, लेकिन आयात इससे कहीं अधिक तेजी से बढ़कर 76.8 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष 65.6 अरब अमेरिकी डॉलर था। अप्रैल-जुलाई के दौरान माल निर्यात 150 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 177.1 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि आयात 247.1 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 294.9 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। इसके साथ ही माल व्यापार घाटा 97.1 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 117.8 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
सेवाओं के मजबूत अधिशेष से चालू खाता घाटे को मिली राहत
चालू खाता घाटे में हुई वृद्धि की आंशिक रूप से भरपाई सेवाओं के मजबूत अधिशेष से हुई। सेवाओं से प्राप्त शुद्ध आय पिछले वर्ष के 16.4 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर जुलाई में 17.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई, जबकि सेवाओं का निर्यात 33.7 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 38.3 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। शुद्ध हस्तांतरण भी जुलाई में 12.6 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 13.2 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि शुद्ध आय बहिर्वाह 4 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 6.1 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
जुलाई में पूंजी खाते में 27.7 अरब डॉलर का शुद्ध अंतर्वाह
इस बीच पूंजी खाते में जुलाई में 27.7 अरब अमेरिकी डॉलर का शुद्ध अंतर्वाह दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर से काफी अधिक है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 4.5 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 7.3 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। जुलाई में विदेशी निवेश में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई और यह 4.1 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 2.5 अरब अमेरिकी डॉलर का बहिर्वाह हुआ था। बैंकिंग पूंजी में 18.4 अरब अमेरिकी डॉलर का शुद्ध अंतर्वाह हुआ, जो पिछले साल के 6 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। वहीं, भारतीय भारतीय प्रवासियों की शुद्ध जमा राशि 1 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 33.5 अरब अमेरिकी डॉलर हो गई।
(इनपुट: ANI)
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