बिजनौर में गंगा बैराज घाट पर भारत का राष्ट्रीय जली

बिजनौर के गंगा बैराज घाट पर दिखा भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव 'डॉल्फिन'

गंगा बैराज घाट पर दिखी 'डॉल्फिन'

बिजनौर: बिजनौर गंगा नदी में दिखी भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव डाल्फिंन, इस दुनिया के सबसे बुद्धिमान जीवो में गिना जाता है। इनकी सुरक्षा और संरक्षण की प्राथमिक कानूनी जिम्मेदारी राज्य सरकार के वन विभाग की होती है। बिजनौर-कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के गंगा बैराज घाट पर डाल्फिंन का नजारा दिखाई दिया है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में संकट में फंसी डांल्फिसनों को सुरक्षित बचाने के लिए देश की पहली विशेष डाल्फिन रेस्क्यू एंबुलेंस भी चलाई जा रही है, जिसमें विशेष डॉक्टर और लाइफ सपोर्ट सिस्टम मौजूद होते हैं।

अत्यधिक बुद्धिमान और मिलनसार समुद्री स्तनधारी जीव हैं डॉल्फिन

डॉल्फिन (सूंस) अत्यधिक बुद्धिमान और मिलनसार समुद्री स्तनधारी जीव हैं जो (सूंस) महासागरों और नदियों में हवा में सांस लेते हैं। मुख्य विशेषताएँ स्तनधारी जीव: डॉल्फिन मछली नहीं, बल्कि एक स्तनधारी प्राणी है जो जीवित बच्चों को जन्म देती है। बुद्धिमत्ता: इन्हें दुनिया के सबसे बुद्धिमान जीवों में गिना जाता है। ये पानी के नीचे दिशा और शिकार का पता लगाने के लिए विशेष ध्वनि तरंगों का उपयोग करती हैं। सामाजिक जीवन: ये 'पॉड' कहे जाने वाले समूहों में मिलजुलकर रहती हैं। 

एक आंख खुली रखकर सोती हैं डॉल्फिन

रोचक तथ्य डॉल्फिन एक समय में अपनी एक आंख खुली रखकर सोती हैं। ये दांत होने के बावजूद अपना भोजन चबाती नहीं, बल्कि सीधा निगल जाती हैं। सांस लेने के लिए इन्हें थोड़े-थोड़े समय पर पानी की सतह पर आना पड़ता है। भारत सरकार के पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत प्रोजेक्ट डाल्फिंन चला जा रहा है इसका उद्देश्य नदी और समुद्री डाल्फिंनों का संरक्षण करना है। नमामि गंगे कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वच्छता गंगा मिशन भी चलाया जा रहा है।

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