करीब सात साल तक पाकिस्तानी जेल में बंद रहने के बाद

पाकिस्तानी जेल से 7 साल बाद रिहा, बालाघाट लौटा प्रसन्नजीत

Indian Man Returns Home After Seven Years in Pakistan Jail

बालाघाट। करीब सात साल तक पाकिस्तानी जेल में बंद रहने के बाद प्रसन्नजीत आखिरकार अपने घर लौट आया। शुक्रवार देर रात जब वह कटंगी पहुंचा तो परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग भावुक हो उठे। फूल-मालाओं से उसका स्वागत किया गया और लंबे संघर्ष के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।

इंतजार और उम्मीद की मिसाल

प्रसन्नजीत के जीवन की यह कहानी दर्द, इंतजार और उम्मीद की मिसाल है। पाकिस्तान की जेल में बंद होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कुछ समय बाद पिता का निधन हो गया, जिसके बाद घर की पूरी जिम्मेदारी बहन और मां पर आ गई। सीमित साधनों, आर्थिक परेशानियों और मानसिक तनाव के बावजूद परिवार ने उम्मीद नहीं छोड़ी।

परिवार ने खटखटाया हर दरवाजा

प्रसन्नजीत की बहन ने प्रशासनिक दफ्तरों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक हर जगह गुहार लगाई। जहां कहीं भी उम्मीद की एक किरण दिखाई दी, वहां अपनी बात रखी। मां की आंखें अक्सर दरवाजे पर टिकी रहती थीं कि शायद आज बेटा लौट आए।

पाक कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी नहीं

परिजनों के अनुसार प्रसन्नजीत को पाकिस्तान कैसे पहुंचा, इसकी स्पष्ट जानकारी आज भी सामने नहीं आ सकी है। खुद प्रसन्नजीत का कहना है कि घटना की वजह और परिस्थितियां उसे ठीक से याद नहीं हैं। लेकिन इतना तय है कि उसने जेल में बेहद कठिन समय बिताया।

38 घंटे की यात्रा के बाद पहुंचा बालाघाट

भारत सरकार के प्रयासों और लंबी कूटनीतिक प्रक्रिया के बाद उसकी रिहाई संभव हो सकी। करीब 38 घंटे की यात्रा तय कर वह अमृतसर से बालाघाट पहुंचा। घर लौटते ही भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस परिवार की है जिसने सात साल तक उम्मीद का दिया बुझने नहीं दिया। अब प्रशासन द्वारा प्रसन्नजीत की काउंसलिंग और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि वह सामान्य जीवन में लौट सके।

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