पुलिस की मुस्तैदी के कारण अगवा होने के मात्र 2 घं

रीवा में मासूम से दरिंदगी, नौ दिन बाद आरोपी गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक  डॉ. गुरकरन सिंह

रीवा (मध्यप्रदेश ) । विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने एक 8 साल की मासूम बच्ची को अगवा कर उसके साथ गलत काम करने वाले एकआरोपी को धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपी की पहचान केवल उसके हुलिए और तकनीकी जांच के आधार पर की है। बीती 3 जून 2026 को पीड़िता बच्ची की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी छोटी बेटी 'मंगलम पार्क' में खेल रही थी, तभी एक अनजान आदमी आया और बच्ची को टॉफी का लालच देकर अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर भगा ले गया। मामला बेहद गंभीर था, इसलिए पुलिस अधीक्षक  डॉ. गुरकरन सिंह के निर्देश पर तुरंत शहर में नाकाबंदी कराई गई। पुलिस की मुस्तैदी के कारण अगवा होने के मात्र 2 घंटे के भीतर बच्ची को सही-सलामत ढूंढ निकाला गया और उसके परिवार को सौंप दिया गया।

अभियुक्त ने अपना जुर्म कबूला

इसके बाद जब 'महिला बाल कल्याण समिति' (CWC) के सामने बच्ची की काउंसिलिंग हुई और कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए, तब यह खौफनाक सच सामने आया कि आरोपी ने बच्ची के साथ गलत काम भी किया था। इसके बाद पुलिस ने केस में दुष्कर्म और पोक्सो (POCSO) एक्ट की धाराएं बढ़ा दीं। घटना के दिन (3 जून) से ही पुलिस की टीम वैज्ञानिक तरीकों और बताए गए हुलिए के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी थी। लगातार पीछा करने के बाद 12 जून 2026 को पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम सर्वेश निखिल द्विवेदी (उम्र 26 साल, निवासी- लुक, थाना जवा, जिला रीवा) बताया।  पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है और आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है। इस पूरे ऑपरेशन को एडिशनल एसपी आरती सिंह और सीएसपी राजीव पाठक के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया।

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