मैहर में मंदिरों के घंटे चोरी करने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह बेनकाब, 5 चोर और 3 बर्तन व्यापारी गिरफ्तार
मैहर (मध्य प्रदेश)। उचेहरा थाना पुलिस ने धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर गिरोह का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मंदिरों से पीतल के घंटे चोरी करने वाले 5 मुख्य चोरों और चोरी का माल खरीदने वाले उचेहरा के ही 3 नामी बर्तन व्यापारियों सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए गिरोह ने गोबरावकला स्थित प्रसिद्ध सिद्धेश्वरनाथ मंदिर सहित क्षेत्र के पांच प्रमुख देव स्थानों पर चोरी की सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
दोपहर की पूजा के बाद हुई थी वारदात
मामले का विवरण देते हुए उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा ने बताया कि बीते 27 जून को गोबरावकला के सिद्धेश्वरनाथ मंदिर के 70 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी चंद्रिका प्रसाद दोपहर की पूजा-अर्चना संपन्न करने के बाद अपने घर चले गए थे। शाम को जब वे नियमित संध्या आरती के लिए मंदिर परिसर पहुंचे, तो भगवान शंकर और माता पार्वती के गर्भगृह व परिक्रमा मार्ग से पीतल के कीमती घंटे गायब थे। इसके साथ ही चोरों ने परिक्रमा मार्ग में गंदगी भी फैलाई हुई थी, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया। पुजारी ने तत्काल ग्रामीणों के साथ उचेहरा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने तत्काल धाराएं पंजीकृत कर तफ्तीश शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उरदनी गांव में दी दबिश
थाना प्रभारी ने आगे बताया कि वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। वारदात के पांचवें दिन पुलिस को मुखबिरों से एक बेहद अहम सुराग मिला कि उरदनी गांव के कुछ युवक संदिग्ध रूप से भारी मात्रा में पीतल के घंटे बेचने की फिराक में घूम रहे हैं और इस संबंध में बातचीत कर रहे हैं। सूचना की तस्दीक करते हुए पुलिस बल ने उरदनी गांव में घेराबंदी कर दबिश दी और पांच संदेही युवकों को हिरासत में ले लिया।
मुख्य आरोपी
मुख्य आरोपी अमित कोल (22 वर्ष) साकेत (28 वर्ष), प्रीतम कोल (24 वर्ष), विनय साकेत (23 वर्ष) और योगेन्द्र उर्फ ओम साकेत (26 वर्ष), सभी निवासी ग्राम उरदनी।
चोरी का माल खरीदने वाले व्यापारी
चोरी का माल खरीदने वाले बर्तन व्यापारी राजेश ताम्रकार (50 वर्ष, वार्ड क्रमांक-7), विजय ताम्रकार (40 वर्ष, वार्ड क्रमांक-6) और कैलाश ताम्रकार (41 वर्ष, वार्ड क्रमांक-13), निवासी उचेहरा।
कई अन्य मंदिरों में चोरी का भी हुआ खुलासा
थाने लाकर की गई कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने केवल सिद्धेश्वरनाथ मंदिर ही नहीं, बल्कि उरदनी के खेरदाई मंदिर, परसमनिया के राजाबाबा मंदिर और नरहठी मंदिर में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। चोरों ने पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि वे चोरी किए गए पीतल के भारी घंटे उचेहरा के स्थानीय बर्तन व्यापारियों को बेहद कम दामों पर बेच देते थे।
38,000 का सामान बरामद
निशानदेही के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों बर्तन व्यापारियों—राजेश ताम्रकार, विजय ताम्रकार और कैलाश ताम्रकार को भी सह-आरोपी बनाते हुए हिरासत में ले लिया। पुलिस टीम ने आरोपियों और व्यापारियों के कब्जे व ठिकानों से चोरी की गई सामग्री को पूरी तरह बरामद कर लिया है। बरामद किए गए सामान में मंदिरों के 9 बड़े पीतल के घंटे, एक पवित्र कलश और पूजा के तांबे-पीतल के सिक्के शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 38 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों और धार्मिक संगठनों ने सराहना की है।
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