CEC ज्ञानेश कुमार को रांची ले जाने की चेतावनी पर विवाद, इरफान अंसारी बोले- 10 हजार समर्थकों के साथ आए हैं
नई दिल्ली: झारखंड के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर दिए गए बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह 10 हजार समर्थकों के साथ उन्हें जबरन रांची ले जाएंगे। अंसारी ने यह भी आशंका जताई कि भारत में बांग्लादेश या नेपाल जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। अंसारी ने रविवार को दिल्ली में विपक्षी INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान ANI से बातचीत में ये बातें कहीं। विपक्ष चुनाव आयोग पर कथित तौर पर वोटर लिस्ट में हेरफेर और संस्थागत पक्षपात के आरोप लगा रहा है। अंसारी ने कहा, "...लोग दिल्ली की ओर मार्च कर रहे हैं और हमें गहरा डर है कि हमारा भारत बांग्लादेश या नेपाल जैसी स्थिति में न पहुंच जाए। हम ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हैं। राहुल गांधी आज उनका इस्तीफा लेने के लिए पक्के इरादे वाले हैं, चाहे कुछ भी हो जाए।" उन्होंने आगे कहा, "अगर वह पद छोड़ने से मना करते हैं, तो मैं, इरफान अंसारी, 10,000 लोगों के साथ यहां आया हूं और हम ज्ञानेश कुमार को अपने साथ रांची ले जाएंगे।"
INDIA ब्लॉक ने चुनाव आयोग के खिलाफ तेज किया विरोध
अंसारी का यह बयान नई दिल्ली में INDIA ब्लॉक के नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बीच आया है। विपक्षी दल कथित वोटर लिस्ट में हेरफेर और चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष और सांसद वी. वैथिलिंगम ने भी रविवार को केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में बदलाव करके युवा मतदाताओं को जानबूझकर वोटर लिस्ट से बाहर करने की कोशिश की जा रही है। वैथिलिंगम ने कहा, "...उन्हें (केंद्र सरकार को) उनके वोट पाने में कोई दिलचस्पी नहीं है; उन्हें उनका समर्थन चाहिए। साथ ही, वे युवाओं से बचने की कोशिश करते हैं। इसके पीछे यही विचार है। वे जानबूझकर फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 बदलते हैं। उनका इरादा युवा मतदाताओं और भारत की युवा पीढ़ी से बचना है। युवा पीढ़ी को अधिकार मिलना चाहिए और वे निश्चित रूप से भारत के भविष्य का नेतृत्व करेंगे।"
सपा सांसद ने CEC को हटाने और हटाए गए वोट बहाल करने की मांग की
समाजवादी पार्टी के सांसद नारायण दास अहिरवार ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और कथित तौर पर मनमाने ढंग से हटाए गए मतदाताओं के नाम तुरंत बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा, "आपने सदन में देखा होगा कि हमने मिलकर मांग की थी कि ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ देना चाहिए और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। लेकिन ऐसा लगता है कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है। हमारा पक्का इरादा है कि ज्ञानेश कुमार को हटाया जाए और जो वोट डिलीट किए गए थे, उन्हें वापस लाया जाए। अखिलेश यादव और कई दूसरे नेता इसमें हिस्सा ले रहे हैं। हमारी पार्टी और पूरे INDIA गठबंधन से हर कोई इसमें शामिल होगा।"
संजय राउत बोले- रोकने की कोशिश से और बढ़ेगी भीड़
इससे पहले शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने भी विरोध प्रदर्शन को लेकर बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि रैली में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं और उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है। राउत ने कहा, "लाखों लोग आ रहे हैं। उन्हें रोकने की काफी कोशिशें हो रही हैं, लेकिन वे जितना लोगों को रोकने की कोशिश करेंगे, भीड़ उतनी ही बढ़ती जाएगी। लोग यहां आने के लिए सारे बैरिकेड तोड़ देंगे। वे सरकार बदलना चाहते हैं। वे यह सरकार नहीं चाहते।" उन्होंने आगे कहा कि रामलीला मैदान में होने वाला प्रदर्शन किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश के लोगों की ताकत का प्रदर्शन है। राउत ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने दिल्ली में होते रहेंगे।
देश में सिर्फ दो ट्रेडर्स हैं- मोदी और शाह'
संजय राउत ने व्यापारियों की चिंता से जुड़े सवाल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "ट्रेडर्स में कोई असली चिंता नहीं है। इस देश में सिर्फ दो 'ट्रेडर्स' मोदी जी और शाह जी हैं। उन्हें जरूर नुकसान हो रहा है। अगर ऐसे आंदोलनों से उन्हें नुकसान होता है, तो ठीक है।"
(ANI)
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