पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व का स्थल सई नदी पर बना लोहे का ओवरब्रिज हुआ जर्जर
रायबरेली: ऐतिहासिक मुंशीगंज शहीद स्मारक जहां देश के अमर बलिदानियों की यादें जुड़ी हैं, वही स्थान आज प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रहा है। शहीद स्मारक स्थल पर सई नदी पर बना लोहे का ओवरब्रिज और उसकी सीढ़ियां पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। हर पल हादसे का डर बना रहता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं।
पुल की चादरों में हो गईं दरारें
ग्राउंड जीरो से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, नदी के ऊपर बना यह लोहे का पुल बुरी तरह जंग खा चुका है। पुल की चादरों में दरारें आ चुकी हैं और किनारे से लोहे के हिस्से गलकर टूट रहे हैं। इतना ही नहीं, पुल पर चढ़ने के लिए बनाई गई सीढ़ियों के लोहे के पायदान बीच से गायब हैं और उनमें बड़े-बड़े सुराख हो चुके हैं।
इस रास्ते से रोजाना गुजरते हैं सैकड़ों स्कूली बच्चे और स्थानीय ग्रामीण
इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे, छोटे-छोटे और स्थानीय ग्रामीण गुजरते हैं। बच्चे अपनी भारी-भरकम साइकिलें और भारी बस्ते लेकर इन जर्जर सीढ़ियों और पुल से डरते-डरते गुजरते हैं। जरा सी चूक या एक गलत कदम सीधे उफनती नदी में हादसे का कारण बन सकता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही का प्रमुख जरिया है।
समय रहते नहीं हुई मरम्मत तो हो सकता है हादसा
पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व का स्थल होने के बावजूद न तो इस पुल की ना तो मरम्मत कराई जा रही है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं। राहगीरों और पर्यटकों का कहना है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? समय रहते अगर इस जर्जर पुल की सुध नहीं ली गई, तो शहीद स्मारक परिसर कभी भी किसी बड़ी त्रासदी का गवाह बन सकता है।
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