मध्य प्रदेश में सामान्य वर्ग की अनदेखी का मुद्दा फिर चर्चा में, SC-ST और अल्पसंख्यकों के लिए अलग विभाग
MP News : भोपाल | मध्य प्रदेश में एक बार फिर सामान्य वर्ग (सवर्ण) की अनदेखी का मुद्दा गरमा गया है। UGC के नए नियमों को लेकर उपजा विवाद सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भले ही कानूनी रूप से थमता दिख रहा हो, लेकिन इसने प्रदेश में सामान्य वर्ग से जुड़े पुराने असंतोष को फिर हवा दे दी है।
प्रदेश में SC-ST, OBC और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए न केवल अलग-अलग विभाग मौजूद हैं, बल्कि उनके लिए विशेष योजनाएं, बजट और नियम भी लागू हैं। वहीं सामान्य वर्ग के लिए न कोई समर्पित विभाग, न कोई अलग आयोग और न ही कोई विशेष सामाजिक या आर्थिक सहायता व्यवस्था दिखाई देती है।
योजनाएं नदारत
विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े नियमों में सामान्य वर्ग के लिए केवल प्रतिबंध और शर्तें नजर आती हैं, जबकि संरक्षण और सहयोग की योजनाएं लगभग नदारद हैं। यही वजह है कि UGC नियमों को लेकर उठे विवाद में सामान्य वर्ग ने खुद को एकतरफा नुकसान ही बताया है।
सामाजिक संगठनों का आरोप है कि सरकारें वोट बैंक की राजनीति के चलते सामान्य वर्ग के मुद्दों को नजरअंदाज करती रही हैं। कहते हैं, यदि अन्य वर्गों के लिए आयोग और विभाग हो सकते हैं, तो सामान्य वर्ग के लिए भी समान नीति और संरचना बनाई जानी चाहिए। यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले चुका है और आने वाले दिनों में इसे लेकर प्रदेश की सियासत और गरमाने के आसार हैं।
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