भाजपा विधायक दल की बैठक में उठा घटिया गुणवत्ता वाले वीसी रूम का मुद्दा
चित्रकूट। मध्यप्रदेश में प्रत्येक विधायक को अपने विधानसभा क्षेत्र में वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) रूम स्थापित करने के लिए ₹5 लाख की राशि दी जा रही है। हालांकि, यह राशि सीधे विधायकों को देने के बजाय सरकार कलेक्टरों के माध्यम से वीसी रूम का निर्माण करा रही है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में शुक्रवार को वीसी रूम की खराब गुणवत्ता का मुद्दा सामने आया। चित्रकूट से विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने कहा कि उनके क्षेत्र के वीसी रूम में चीनी सामान लगाया गया है। बैठक में यह भी बात सामने आई कि वीसी रूम में मानक से कम (घटिया) एलईडी और अन्य सामग्री लगाई जा रही है।इसके अलावा, बैठक में यह भी पता चला कि भले ही धनराशि कलेक्टरों को भेजी जा रही है, लेकिन काम भोपाल से एक केंद्रीकृत एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है।कलेक्टरों की भूमिका केवल पैसे जारी करने तक सीमित है।