जबलपुर में फर्जी डॉक्टर का कांड: 4 घंटे में 9 इंजेक्शन लगाने से युवक की मौत, अस्पताल सील
जबलपुर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के कटंगी थाना क्षेत्र स्थित एक अवैध अस्पताल में कथित तौर पर नौ इंजेक्शन लगने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी बहन की तलाश जारी है जो अस्पताल का संचालन कर रही थी।
पेट दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती
कटंगी पुलिस थाना के सब-इंस्पेक्टर अश्वनी मिश्रा के मुताबिक, 2 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे झंगरा गांव के रहने वाले 18 वर्षीय शेखर चौधरी (पुत्र जगदीश चौधरी) के पेट में अचानक तेज दर्द उठा। परिवार के लोग उसे तुरंत बेलखाडू स्थित अश्विनी अस्पताल ले गए। वहां इलाज का दावा करने वाले सतीश साहू ने रात के वक्त करीब चार घंटे के भीतर शेखर को नौ इंजेक्शन लगा दिए। कुछ राहत मिलने के बाद परिजन उसे घर ले आए थे।
आईवी ड्रिप और बिगड़ती हालत
अगले दिन शेखर को फिर से पेट में जलन और दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद परिवार उसे दोबारा उसी अस्पताल ले गया। सतीश साहू ने इस बार उसे आईवी ड्रिप (IV Drip) के साथ अन्य इंजेक्शन दिए, जिसके दौरान उसकी हालत बेहद बिगड़ गई और इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें खुलासा हुआ कि आरोपी के पास मेडिकल प्रैक्टिस का कोई वैध दस्तावेज या योग्यता नहीं थी।
अस्पताल सील और एक्सपायर्ड दवाएं बरामद
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) ने मौके का मुआयना किया। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी की बहन सरिता साहू इस अस्पताल की मालकिन है और वह भी बिना किसी वैध डिग्री के मरीजों का इलाज कर रही थी। चौंकाने वाली बात यह है कि ये भाई-बहन मरीजों को एक्सपायर्ड (समय-सीमा समाप्त) दवाएं दे रहे थे और अस्पताल का कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है और एक्सपायर्ड दवाएं जब्त कर ली हैं। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ें: शिवपुरी में हंसिया लेकर दो भाइयों पर हमले की कोशिश, युवक को रस्सी से बांधा