जैकी श्रॉफ ने नागपुर के मरबत उत्सव में लिया हिस्सा, दुनिया से देखने की अपील की
नागपुर (महाराष्ट्र)। बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ ने शनिवार को नागपुर के सदियों पुराने मरबत उत्सव में हिस्सा लिया और इस अनोखी सांस्कृतिक परंपरा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लोगों को नागपुर के इस खास उत्सव को देखना चाहिए। फिल्म निर्माता सुभाष घई भी इस मौके पर मौजूद रहे।
सुभाष घई भी उत्सव में हुए शामिल
जैकी श्रॉफ के साथ फिल्म निर्माता सुभाष घई ने भी मरबत उत्सव में हिस्सा लिया। यह उत्सव नागपुर में हर साल भाद्रपद महीने में मनाया जाता है। इस दौरान हजारों लोग सड़कों पर निकलते हैं और रंग-बिरंगे जुलूसों में शामिल होते हैं।
सामाजिक बुराइयों को दिखाती हैं विशाल मूर्तियां
मरबत उत्सव में बांस, कागज और कपड़े से बनी विशाल मूर्तियां निकाली जाती हैं। इन्हें मरबत कहा जाता है। ये मूर्तियां बुराई, सामाजिक समस्याओं और समाज को परेशान करने वाले मुद्दों का प्रतीक होती हैं। यह उत्सव सामाजिक बुराइयों और लोगों को परेशान करने वाले मुद्दों को सामने रखने का एक तरीका भी है।
बडग्या मूर्तियां भी जुलूस का हिस्सा
उत्सव के जुलूसों में बडग्या नाम की छोटी मूर्तियां भी शामिल होती हैं। ये राक्षसों और नकारात्मक प्रवृत्तियों का प्रतीक मानी जाती हैं। मरबत उत्सव में इनका खास महत्व है और ये इस पारंपरिक उत्सव का अहम हिस्सा हैं। मरबत के जुलूस नागपुर के अलग-अलग हिस्सों से होकर गुजरते हैं। इस दौरान नारे, संगीत और पारंपरिक मंत्र सुनाई देते हैं। हजारों लोग रास्ते में जमा होकर इस रंग-बिरंगे और जोश से भरे जुलूस को देखते हैं। यह उत्सव का मुख्य आकर्षण बना रहता है।
मूर्तियां जलाने के साथ होता है उत्सव का समापन
मरबत उत्सव का अंत मूर्तियों को जलाने के साथ होता है। यह बुराई के खत्म होने और अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। यह परंपरा इस विश्वास को दिखाती है कि आखिरकार नकारात्मक शक्तियों और सामाजिक बुराइयों पर अच्छाई की जीत होती है। मरबत उत्सव नागपुर की एक खास सांस्कृतिक परंपरा बना हुआ है। जुलूस, पूजा-पाठ और पारंपरिक मंत्रों के जरिए यह लोगों को एक साथ लाता है। उत्सव बुराई पर अच्छाई की जीत का अपना पुराना संदेश भी सामने रखता है। (Source: ANI)
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