बड़वानी में रास्ता भटके जैन संत, भीषण गर्मी में 30 घंटे तक बिना आहार और जल के रहे
बड़वानी। जिले से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहां विहार के दौरान एक जैन मुनि महाराज रास्ता भटक गए। भीषण गर्मी और तपती लू के बीच उन्हें करीब 30 घंटे तक बिना अन्न और जल के जंगलों और सड़कों पर गुजारना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन और जैन समाज के लोगों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद मुनि श्री की खोजबीन शुरू की गई।
जैन मुनि महाराज सिद्धक्षेत्र ऊन जाने के बजाय भूलवश एबी रोड (आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग) पर आगे बढ़ गए और ग्राम बरूफाटक के नजदीक ठान क्षेत्र में पहुंच गए।
प्रशासन ने चलाया तलाशी अभियान
मुनि श्री के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और जैन समाज के लोग तुरंत सक्रिय हुए और उन्हें ढूंढने के लिए जगह-जगह तलाशी अभियान चलाया। लगभग 30 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मुनि महाराज को सकुशल खोज निकाला गया, जिसके बाद उन्हें आहार और जल ग्रहण कराया गया।
ऐसे भटके मुनि
जानकारी के अनुसार, जैन मुनि महाराज को जैन तीर्थ क्षेत्र 'ऊन' जाना था। लेकिन रास्ते की सही जानकारी न होने के कारण वे अपने नियत मार्ग से भटक गए और आगरा-मुंबई हाईवे (एबी रोड) पर आगे की ओर बढ़ते चले गए। चलते-चलते वे ग्राम बरूफाटक के पास स्थित ठान इलाके के जंगलों में पहुंच गए।
भीषण गर्मी में बिगड़ी हालत
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के कारण मुनि श्री की स्थिति काफी चिंताजनक हो गई थी। जैन मुनियों के कठिन नियमों के कारण उन्होंने पिछले 30 घंटों से न तो कुछ खाया था और न ही पानी की एक बूंद पी थी। जब पुलिस और जैन समाज के श्रावकों ने उन्हें खोज निकाला, तब वे अत्यधिक थकान और निर्जलीकरण (Dehydration) के कारण एक पेड़ की छांव में कमजोर स्थिति में बैठे हुए मिले।
पुलिस और समाज की सजगता से बची जान
मुनि श्री के समय पर न पहुंचने से चिंतित समाज जनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी। पुलिस बल और स्थानीय जैन समाज के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए जंगलों और हाईवे के आसपास तलाश शुरू की। अंततः उन्हें खोज लिया गया और तुरंत उनके आहार और पानी (नवधा भक्ति के साथ) की व्यवस्था की गई। मुनि श्री को सुरक्षित देखकर जैन समाज और स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
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