राम मंदिर भूमि सौदे पर जयराम रमेश का PM राम मंदिर भूमि सौदे पर जयराम रममोदी से सवाल, बोले- ‘पाप के भागीदार क्यों बने?’
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े जमीन के सौदों में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने बीजेपी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए दान के इस्तेमाल को लेकर जवाबदेही तय करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। X पर एक पोस्ट में रमेश ने आरोप लगाया कि जमीन के सौदों और दान को लेकर विपक्ष की ओर से बार-बार सवाल उठाए जाने के बावजूद जांच के नतीजे सार्वजनिक नहीं किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पांच मिनट में जमीन की कीमत 2 करोड़ से 18.5 करोड़ रुपये होने का दावा
रमेश ने अपनी पोस्ट में लिखा, "क्या यह सच नहीं है कि 18 मार्च, 2021 को शाम 7:10 बजे तिवारी-अंसारी ने कुसुम पाठक से ₹2 करोड़ में ज़मीन खरीदी थी, और शाम 7:15 बजे वही ज़मीन ट्रस्ट ने चंपत राय के ज़रिए ₹18.5 करोड़ में खरीद ली? सिर्फ़ 5 मिनट में 825% की लूट कैसे होने दी गई!"
जमीन की रजिस्ट्री में गवाहों की भूमिका पर सवाल
कांग्रेस नेता ने दोनों रजिस्ट्रेशन के दौरान एक ही गवाहों की कथित मौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इन गवाहों की पहचान उस समय के बीजेपी मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के तौर पर की। रमेश ने वर्ष 2021 की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जमीन के सौदों से जुड़े मामलों की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच के नतीजे अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए। उन्होंने पूछा, "क्या यह सच नहीं है कि 2021 की जांच रिपोर्ट 5 साल बाद भी पब्लिक नहीं की गई है? ज़मीन सौदों की SIT जांच के नतीजे कब सामने आएंगे?"
राम मंदिर के लिए जुटाए गए चंदे पर भी उठाए सवाल
रमेश ने राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के भक्तों से जुटाए गए चंदे के इस्तेमाल के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता में बैठे लोगों ने बीजेपी, RSS और VHP से जुड़े लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कार्रवाई नहीं की।
PM मोदी से पूछा- ‘पाप के भागीदार क्यों बने?’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री से हमारा सीधा सवाल है: आपकी नाक के नीचे, डोनेशन और चढ़ावे की यह चोरी चलती रही—आप इसे अपनी चुपचाप मंज़ूरी देकर इस पाप के भागीदार क्यों बने?"
(ANI)
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