झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL परीक्षा और भर्ती विज्ञ

झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, JSSC CGL परीक्षा रद्द करने का सरकार का आदेश निरस्त

Jharkhand High Court

रांची (झारखंड)। झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार को झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (JSSC CGL) परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को रद्द कर दिया, जिससे इसे पास करने वाले उम्मीदवारों को राहत मिली। कोर्ट ने नियुक्तियों के लिए भर्ती विज्ञापन रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को भी रद्द कर दिया। 20 अगस्त को, झारखंड हाई कोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं के ज़रिए भर्ती हुए सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी थी।

7 सितंबर तक हलफनामा दाखिल करने के निर्देश

इससे पहले, 18 अगस्त को, झारखंड सरकार ने कथित गड़बड़ियों को लेकर हफ़्तों तक चले पब्लिक प्रोटेस्ट के बाद, 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं सहित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। झारखंड हाई कोर्ट ने JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई टाल दी थी, और अगली सुनवाई 18 सितंबर तय की थी। राज्य सरकार द्वारा अपना हलफनामा दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगने के बाद कोर्ट ने अगली तारीख दी। राज्य सरकार को पहले 7 सितंबर तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन वह तय समय में इसे जमा नहीं कर पाई।

उम्मीदवारों को परीक्षा पास करने में मदद करने का वादा

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले, झारखंड CID ने कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से जुड़े अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 14वीं झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) की शुरुआती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में, CID ने रांची के रातू रोड इलाके से संजीत कुमार को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि कुमार, जो कथित तौर पर शिवांगन कोचिंग सेंटर चलाता था, पर एजेंट के तौर पर काम करने और उम्मीदवारों को परीक्षा पास करने में मदद करने का वादा करके उनसे पैसे वसूलने का आरोप है। पिछले महीने, सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) सिविल सर्विस शुरुआती परीक्षा 2025 में कथित गड़बड़ियों की CBI या स्वतंत्र जांच की मांग वाली एक PIL पर केंद्र, झारखंड सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया था। 

हरिशरण देवगन की याचिका पर राज्य सरकारों से जवाब मांगा

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी मोहना की बेंच ने सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की याचिका पर राज्य सरकारों से जवाब मांगा। पिटीशनर की ओर से पेश सीनियर वकील मनन कुमार मिश्रा ने बेंच को बताया कि स्टूडेंट्स एग्जाम में कथित गड़बड़ियों को लेकर लगातार प्रोटेस्ट कर रहे हैं। पिटीशनर ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह कोर्ट द्वारा मंज़ूर किए गए सेफगार्ड्स के तहत नए सिरे से प्रीलिमिनरी एग्जाम का ऑर्डर दे।

(इनपुट: ANI)

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