झारखंड में JPSC JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितता

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी को लेकर प्रदर्शन जारी, सीएम से खुले मैदान में बात करने की उठी मांग

Devendra Nath Mahto (ANI Photo)

रांची: छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शनिवार को कहा कि एक नामित प्रतिनिधिमंडल झारखंड सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए सर्किट हाउस जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उम्मीदवारों की मांगें अपरिवर्तित रहेंगी, चाहे बातचीत की मेज पर कोई भी बैठे। उन्होंने कहा, टीम ने हमें बताया है कि हम सुबह 10 बजे सर्किट हाउस में बातचीत के लिए जाएंगे। अगर अन्य छात्रों की मुलाकात के दौरान सरकार हमारी मांगों पर सहमत हो जाती, तो हमें भी जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कितने लोग उनसे मिलने जाते हैं। हम सभी की मांगें एक ही हैं, जिन्हें पूरा किया जाना चाहिए।

जेपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी

झारखंड में विरोध प्रदर्शन 5 जुलाई को 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद शुरू हुए, जिसमें उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया। तब से छात्र पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर चौबीसों घंटे विरोध प्रदर्शन और अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) रद्द की जाए और टीडीपीएल एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं की समीक्षा की जाए।

मांगें न मानने पर भूख हड़ताल जारी रखने की चेतावनी

छात्र प्रदर्शनकारी कुश महतो ने चल रही बातचीत के लिए सामूहिक रणनीति बताते हुए कहा कि लगभग 10 लोग बातचीत में भाग लेंगे और मांगें पूरी न होने पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, हमने 10 लोगों को चुना है, संभवतः दोनों पक्षों से पांच-पांच लोग। इसके साथ ही कहा कि बातचीत देवेंद्र महतो के नेतृत्व में होगी। अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो हम भूख हड़ताल जारी रखेंगे। हम दिन-ब-दिन कमजोर होते जा रहे हैं, ऊर्जा खो रहे हैं, लेकिन हमारा मनोबल नहीं टूट रहा है। अगर हेमंत सोरेन इस बार हमारी मांगें पूरी नहीं करते हैं, तो पूरे झारखंड के छात्र हमारी भूख हड़ताल में शामिल होंगे।

सीएम से खुले मैदान में सीधी बातचीत और बैठक की रिकॉर्डिंग की मांग

प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम ने जोर देते हुए कहा कि छात्रों की मांग मुख्यमंत्री विष्णु देव साईं से बैठक की है, न कि उनके मंत्रियों से। उन्होंने यह भी मांग की है कि बैठक बंद कमरे के बजाय खुले मैदान में हो और प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनलों के सामने रिकॉर्ड की जाए। मेरा शुगर लेवल, ब्लड प्रेशर, सब कुछ कम है। डॉक्टर ने मुझे पानी पीने को कहा है, लेकिन मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मुझे इस देश के लिए अपना शरीर और जान कुर्बान कर देनी चाहिए, क्योंकि यह सरकार जागने को तैयार नहीं है। 

इसके साथ ही कहा, हमें बताया जा रहा है कि बातचीत मुख्यमंत्री से नहीं बल्कि उनके मंत्रियों से होगी। मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि वे इस विरोध प्रदर्शन को बेवजह लंबा खींच रहे हैं। हम मुख्यमंत्री से सीधे बात करना चाहते हैं, बातचीत का वीडियो बनाया जाए, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्य के समाचार चैनलों के सामने और किसी बंद कमरे में नहीं बल्कि खुले मैदान में।

रांची में एआईएसए का विधानसभा मार्च

बता दें, इस बीच शुक्रवार को अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) की अध्यक्ष नेहा बोरा झारखंड के रांची में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के प्रदर्शन में शामिल हुईं। नेहा बोरा, ने आज झारखंड में विधानसभा मार्च की घोषणा की है। राज्य में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेपीएससी जेएसएससी सुधार मंच ने कहा है कि इस मार्च का उनसे कोई लेना-देना नहीं है। 

प्रदर्शनकारियों ने परीक्षाएं रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग की

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शनकारियों ने 2019 के बाद होने वाली सभी जेएसएससी सीजीएल, जेएसएससी जेई और पीजीटी परीक्षाओं को रद्द करने, अनियमितताओं की सीबीआई जांच, इसमें शामिल माफियाओं और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए श्रेणीवार कट-ऑफ (यूआर, ईडब्ल्यूएस, बीसी-आई, बीसी-II, एससी, एसटी), ओएमआर प्रतियां और उत्तर पुस्तिकाओं का खुलासा करने और यूपीएससी/एसएससी मानकों के अनुरूप भर्ती कैलेंडर लागू करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जेपीएससी जेएसएससी सुधार मंच ने झारखंड सरकार से अपनी मांगों पर बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को अंतिम रूप दे दिया है। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधि, एक वकील और दो तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। 

(इनपुट: ANI)

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