जम्मू और कश्मीर के पूंछ जिले के सुरनकोट इलाके में

जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर: बादल फटने और बाढ़ से 7 की मौत, कई लापता; राहत-बचाव अभियान तेज

Cloudburst, Floods Kill 7 in J&K

पूंछ (जम्मू-कश्मीर): जम्मू और कश्मीर के पूंछ जिले के सुरनकोट इलाके में बादल फटने से आई बाढ़ में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है। भारी बारिश के बीच रविवार को सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की बचाव टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी रहीं।

7 मौतों की पुष्टि, कई लोग अब भी लापता

सुरनकोट के उप-जिला अस्पताल के ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) मोहम्मद यूसुफ ने मृतकों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा, "सुरनकोट, राजौरी और पूरे राज्य में आई इस आपदा और तूफान के संबंध में, हमने सुरनकोट में अब तक सात मौतों की पुष्टि की है। हमने छह शवों की चिकित्सा औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया है, जबकि एक और शव, जिसे हमने हाल ही में बरामद किया है, को लाया जा रहा है। कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं; हम अभी तक सही संख्या का पता नहीं लगा पाए हैं। नदी के पास बचाव अभियान जारी है।"

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने की उच्चस्तरीय बैठक

बारिश से उत्पन्न आपात स्थिति के मद्देनजर, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू स्थित सिविल सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पुंछ और राजौरी जिलों में लगातार बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की गई, साथ ही प्रशासन की तैयारियों का भी आकलन किया गया। बैठक में मौसम की मौजूदा स्थिति, भारी बारिश के प्रभाव और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने, आवश्यक सेवाओं को बहाल करने तथा प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की गई।

पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा

मुख्यमंत्री ने अचानक आई बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। समन्वित कार्रवाई पर जोर देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, "समन्वय का महत्व कम नहीं आंका जा सकता," और सभी जिलों को 24 घंटे नियंत्रण कक्ष संचालित रखने, सतर्कता बनाए रखने तथा समय पर सूचना साझा करने के निर्देश दिए। एसडीआरएफ के एएसआई जाकिर हुसैन ने बताया कि सेना, रोमियो फोर्स और पुलिस शुरुआत से ही राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि घटना 4-5 अलग-अलग स्थानों पर हुई और विभिन्न स्थानों से शव बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि एक घर खाई में बह गया था, जहां सेना, पुलिस, रोमियो फोर्स और एसडीआरएफ ने संयुक्त अभियान चलाकर शव को बाहर निकाला। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में पूरा सहयोग दिया।

लापता लोगों की तलाश जारी

जाकिर हुसैन ने कहा कि एसएसपी और डीसी ने सुरनकोट में राहत शिविर स्थापित किया है। स्वास्थ्य विभाग सहित सभी विभाग राहत कार्यों में जुटे हैं और लापता लोगों की तलाश युद्धस्तर पर जारी है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर लगातार बारिश और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना, एसडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में लगी हुई हैं। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और सभी विभाग हाई अलर्ट पर हैं।

राजौरी में भी बाढ़ से भारी तबाही

भारी बारिश के कारण राजौरी जिले में धरहाल नदी उफान पर आ गई, जिससे जिले का सबसे बड़ा न्यू बेला बस स्टैंड जलमग्न हो गया। बाढ़ का पानी दुकानों और पार्किंग क्षेत्रों में घुसने से कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा। भारतीय सेना और एसडीआरएफ ने नौशेरा, चकली और मुरादपुर में नदी के बीच बने द्वीपों पर फंसे कई लोगों को सुरक्षित निकाला। मुरादपुर क्षेत्र से दो लोगों को तेज बहाव के बीच बचाया गया।

राजौरी विधायक ने बताया हालात गंभीर

राजौरी विधायक इफ्तिखार अहमद ने बताया कि बाढ़ सुबह तड़के शुरू हुई और व्यापक तबाही मचाई। उन्होंने कहा कि एक बच्ची की मौत हो गई है जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। उनके अनुसार सुबह करीब तीन बजे बाढ़ का पानी घरों में घुस गया, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस ने तत्काल राहत अभियान शुरू किया। राजौरी के उपायुक्त अभिषेक शर्मा ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सभी 13 तहसीलों में नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगले तीन दिनों तक प्रतिकूल मौसम की संभावना है। प्रशासन की प्राथमिकता बिजली, पानी, सड़क संपर्क और संचार व्यवस्था बहाल करना है। बीआरओ राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों को साफ करने के लिए हाई अलर्ट पर है। उन्होंने लोगों से निचले इलाकों और नदी किनारों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि जिला पुलिस, एसडीआरएफ और सेना मिलकर राहत कार्य कर रही है। प्राथमिकता बचाव अभियान पूरा करने और आवश्यक सेवाएं बहाल करने की है।

पूंछ में मकान गिरने से पूरा परिवार घायल

लगातार बारिश के कारण पूंछ जिले में एक मकान ढह गया, जिसमें रहने वाला पूरा परिवार घायल हो गया। जिला अस्पताल के अधीक्षक मोहम्मद शफीक ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील करते हुए कहा कि लगातार बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। सरकार की ओर से 25 जुलाई तक मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।

एनएच-44 पर भूस्खलन का खतरा

उपायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के संवेदनशील हिस्सों पर भूस्खलन, चट्टान और मलबा गिरने की आशंका जताई। उन्होंने बताया कि बीआरओ की टीमें मशीनों के साथ पहले से तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। राजौरी के बेला बस स्टैंड के व्यापारियों ने बाढ़ से भारी आर्थिक नुकसान होने की बात कही। मुस्लिम व्यापार मंडल के अध्यक्ष निसार भट ने दावा किया कि बेला कॉलोनी, दुकानों और पार्किंग स्टैंड सहित सार्वजनिक और सरकारी संपत्तियों को मिलाकर लगभग 500 से 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

भाजपा नेता रविंदर रैना ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

भाजपा नेता रविंदर रैना ने कहा कि राजौरी और पुंछ में भारी बारिश और बाढ़ से व्यापक तबाही हुई है। कई घर और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं तथा बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान जारी है। अखनूर में चिनाब नदी का जलस्तर 29.4 फीट तक पहुंच गया है और 1,16,400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते अधिकारियों ने नदी तटों और श्मशान घाटों के आसपास लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

(एएनआई)

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