जौहर विश्वविद्यालय पर अग्नि सुरक्षा नियमों की सख्ती, दस्तावेज़ जमा करने के लिए मिला एक सप्ताह का अतिरिक्त समय
रामपुर (उत्तर प्रदेश): शिक्षण संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए गठित समिति के तहत अग्निशमन विभाग की टीम ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। जांच के दौरान परिसर की कई इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने और अग्निशमन उपकरणों में कमियां मिलने की बात सामने आई।
38 से 40 इमारतों में मिली खामियां
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 38 से 40 इमारतों का निरीक्षण किया गया। कई इमारतों में अग्निशामक यंत्र तो मौजूद थे, लेकिन कुछ काम नहीं कर रहे थे। अधिकांश स्थानों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
दस्तावेज़ जमा करने के लिए दिया गया अतिरिक्त समय
निरीक्षण के बाद अग्निशमन विभाग ने विश्वविद्यालय प्रशासन से भवनों के नक्शे, संरचनात्मक विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज़ मांगे थे ताकि अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का सही आकलन किया जा सके। विभाग के अनुसार, तय समय सीमा 16 जुलाई तक कोई दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद विश्वविद्यालय को एक सप्ताह का अतिरिक्त समय देते हुए रिमाइंडर नोटिस जारी किया गया।
विश्वविद्यालय ने मांगा एक महीने का समय
अधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने पत्र भेजकर अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं पूरी करने और आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध कराने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया है। हालांकि अग्निशमन विभाग ने दस्तावेज़ जल्द से जल्द जमा कराने पर जोर दिया है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।
तोड़फोड़ की कार्रवाई का भी खतरा
इस बीच, रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने जौहर ट्रस्ट को परिसर में कथित रूप से अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में 82,309.80 वर्ग मीटर क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण किया गया है। ट्रस्ट को 38 इमारतें हटाने के लिए अतिरिक्त 15 दिन का समय दिया गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर प्राधिकरण ने तोड़फोड़ की चेतावनी दी है।
पीडब्ल्यूडी ने सड़क को घोषित किया सार्वजनिक मार्ग
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विश्वविद्यालय परिसर के अंदर स्थित एक सड़क को सार्वजनिक मार्ग घोषित करते हुए वहां बोर्ड भी लगा दिया है। वहीं, रामपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं जिला मजिस्ट्रेट ने उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 के तहत विध्वंस का आदेश जारी किया है।
आज़म खान की प्रमुख परियोजना पर बढ़ी प्रशासनिक कार्रवाई
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आज़म खान की प्रमुख परियोजना है। आज़म खान वर्तमान में रामपुर जेल में बंद हैं। इससे पहले मई में रामपुर की एक अदालत ने वर्ष 2019 के एक मामले में उन्हें दो वर्ष के साधारण कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।
ANI
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