पुणे में एमपीपीएससी के विरोध प्रदर्शन को कवर कर रह

एमपीएससी विरोध प्रदर्शन: पुणे में रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार पर हमला, पत्रकारों ने किया आंदोलन का बहिष्कार

Maharashtra Public Service Commission (MPSC) aspirants protest

पुणे (महाराष्ट्र)। गुरुवार को पुणे में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन को कवर करते समय एक पत्रकार पर कथित तौर पर हमला किया गया। इस घटना के विरोध में मौके पर मौजूद पत्रकारों ने प्रदर्शन का बहिष्कार कर दिया।

पत्रकार निखिल शुकरे पर हमला

एमपीएससी उम्मीदवारों की विभिन्न मांगों को लेकर पुणे के शास्त्री रोड पर प्रदर्शन हो रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार भी प्रदर्शन में मौजूद थे। मौके पर मौजूद पत्रकारों के अनुसार, कुछ छात्रों ने मीडियाकर्मियों की उपस्थिति पर आपत्ति जताई और उनसे सवाल किया, "आपको यहां किसने बुलाया? यहां से चले जाओ।" बताया जाता है कि कहासुनी बढ़ गई और कुछ छात्रों ने पत्रकारों को गाली भी दी। इस झड़प के दौरान पत्रकार निखिल शुकरे पर हमला किया गया।

हमले में शामिल छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग

स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कथित तौर पर आरोपी को प्रदर्शन स्थल से ले गई। घटना के बाद, प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों ने अपने सहकर्मी के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार और हमले के विरोध में प्रदर्शन का बहिष्कार करने का फैसला किया। पत्रकार बाद में प्रदर्शन स्थल से चले गए। इस बीच, पुणे यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के उपाध्यक्ष योगेश बोरसे ने कहा, “यूनियन इस घटना की कड़ी निंदा करती है और हमलावर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती है। पत्रकार निखिल सुकरे पर हुए हमले के बाद, स्थानीय पत्रकारों ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि जब तक हमले में शामिल छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती, तब तक वे विरोध प्रदर्शन को कवर नहीं करेंगे। हम सभी से इस फैसले का पालन करने का आग्रह करते हैं।”

भाजपा ने एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार पर लगाए आरोप 

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नवनाथ बान ने भी इस घटना पर एक बयान जारी कर कहा, “एमपीएससी विरोध प्रदर्शन के दौरान, एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार के गुंडों ने पत्रकारों पर हमला किया, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर एक बेहद चिंताजनक हमला है और जिसकी हम कड़ी निंदा करते हैं। अब आलोचनाओं का सामना कर रहे पवार अपने कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी को छिपाने के लिए एबीवीपी पर झूठा आरोप लगा रहे हैं। इस हिंसा के लिए वे पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। रोहित पवार को प्रेस से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए और पुणे पुलिस को दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए तत्काल और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन

यह घटना एमपीएससी परीक्षा से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर एमपीएससी उम्मीदवारों के चल रहे आंदोलन के बीच हुई। छात्रों ने इससे पहले भी पुणे में कथित परीक्षा अनियमितताओं और आयोग से संबंधित अन्य मुद्दों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए हैं।

(इनपुट: ANI)

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