नई दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पत्रकार ऋचा पाराशर

'धक्का दिया, सीढ़ियों पर गिर पड़ी': पत्रकार ऋचा पाराशर का राहुल गांधी पर दुर्व्यवहार का आरोप

Journalist Richa Accuses Rahul Gandhi of Misconduct

नई दिल्ली : नई दिल्ली में सोमवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकार ऋचा पाराशर ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट से बाहर निकलते समय लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें धक्का दिया। पत्रकार के मुताबिक, इस घटना में उन्हें चोटें आईं। उन्होंने बताया कि वह गर्भावस्था की पहली तिमाही में हैं।

राहुल गांधी और सुरक्षाकर्मियों पर धक्का देने का आरोप

ऋचा पाराशर के लिए एक राजनीतिक विरोध प्रदर्शन की कवरेज करना संघर्षपूर्ण अनुभव बन गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह अपना माइक्रोफोन लगाकर रिपोर्टिंग कर रही थीं, तभी राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़कर खींचा और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दे दिया। ऋचा ने कहा, “मैंने अपना माइक्रोफोन लगाया और अचानक, सिर्फ दो सेकंड में सब कुछ हो गया। मेरे वीडियो में साफ दिख रहा है: राहुल गांधी आगे बढ़े और मेरा हाथ पकड़कर खींचा। उन्होंने मेरा हाथ खींचा और मुझे उनकी ताकत का एहसास हुआ। उन्होंने खींचा और उसी पल उनके सुरक्षाकर्मियों ने मुझे धक्का दिया।” उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनका फोन भी टूट गया और वह सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियों पर गिर पड़ीं। उनके मुताबिक, वह लगातार लोगों से धक्का नहीं देने की अपील कर रही थीं।

मेरी आवाज दबाने के लिए लगाए नारे’

पत्रकार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब उन्होंने अपनी चोट और धक्का दिए जाने की बात कही, तो वहां मौजूद कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनकी आवाज दबाने के लिए “राहुल गांधी जिंदाबाद” के नारे लगाए। ऋचा ने बताया, “मैं गिर गई, फोन गिर गया, लेकिन चूंकि माइक्रोफोन मेरे कॉलर पर था, इसलिए रिकॉर्डिंग हो गई। मैं उठी और चिल्ला रही थी कि मेरा माइक्रोफोन गिर गया है। मैंने कहा कि यह मेरे कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है। आप एक पत्रकार को दबा नहीं सकते।” उन्होंने आगे दावा किया कि भीड़ के बीच वह ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही थीं। घटना के बाद वह सदमे में थीं और रोने लगीं। उनके मुताबिक, गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में होने के कारण उन्हें अपने और अपने होने वाले बच्चे के स्वास्थ्य की चिंता सता रही थी।

पेट में दर्द बढ़ने पर अस्पताल पहुंचीं पत्रकार

ऋचा पाराशर ने बताया कि घटना के बाद वह दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंचीं, जहां उनकी चोटों की जांच की गई। उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह अपने संगठन को भी घटना के बारे में नहीं बताना चाहती थीं, लेकिन पेट में दर्द असहनीय होने पर उन्हें अस्पताल के कर्मचारियों को अपनी स्थिति बतानी पड़ी। ऋचा के अनुसार, गर्भावस्था की जानकारी मिलने के बाद उनका एक्स-रे रोक दिया गया और उन्हें तुरंत अल्ट्रासाउंड के लिए ले जाया गया। उन्होंने घटना के दौरान पेट के बल गिरने की बात भी कही।

सोशल मीडिया पर आलोचना का किया जिक्र

पत्रकार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, कुछ लोगों ने उनके अनुभव को मनगढ़ंत और राजनीतिक प्रचार बताकर खारिज किया। ऋचा ने कहा कि गर्भवती होने के बावजूद विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने पर उनसे सवाल पूछना उचित नहीं है, क्योंकि वह एक पत्रकार हैं और अपना पेशेवर काम कर रही थीं। उन्होंने कहा, “वे पितृसत्ता को खत्म करने की बात करते हैं, लेकिन कहते हैं कि अगर वह गर्भवती थी, तो वह भीड़ में क्यों गई? मैं भी एक पत्रकार हूं, है ना? तो यह मेरा काम है।”

अस्पताल के खर्च को लेकर भी दी सफाई

ऋचा पाराशर ने अस्पताल जाने को लेकर राजनीतिक गुटों की ओर से लगाए जा रहे कथित आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता अपने स्वास्थ्य और होने वाले बच्चे की सुरक्षा है। पत्रकार के मुताबिक, उनकी बहन ने केवल आपातकालीन चिकित्सा देखभाल के अधिक खर्च को पूरा करने के लिए मदद मांगी थी, लेकिन इस बात को भी उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस घटना के बाद मेरी आवाज और बुलंद होगी’

ऋचा ने कहा कि वह महिला पत्रकारों की ओर से अपनी बात रख रही हैं, जिन्हें रिपोर्टिंग के साथ-साथ निजी और पारिवारिक जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक बहुत सशक्त महिला हूं, और इसके बाद मेरी आवाज और भी बुलंद होगी। आप एक पत्रकार को दबा नहीं सकते।” राहुल गांधी को संबोधित करते हुए उन्होंने उनसे जिम्मेदारी और संवेदनशीलता दिखाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार नहीं होना चाहिए और राजनीतिक नेताओं की टीमों को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए। इस पूरे मामले में ऋचा पाराशर ने राहुल गांधी और उनके सुरक्षाकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में राहुल गांधी या उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है।

(एएनआई)

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