JPSC-JSSC आंदोलन: 12वें दिन सरकार ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया
रांची (झारखंड): दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद रांची में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन बुधवार को 12वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच राज्य सरकार ने बातचीत की पहल की है, जबकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने छात्रों की मांगों पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्र 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई और ईडी से जांच, ओएमआर शीट, उत्तर पुस्तिकाएं और श्रेणीवार कट-ऑफ सार्वजनिक करने, विवादित परीक्षा एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने तथा भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री की ओर से वार्ता का निमंत्रण
रांची के एसडीएम कुमार रजत और एडीएम धनंजय कुमार प्रदर्शन स्थल पहुंचे और मुख्यमंत्री की ओर से प्रदर्शनकारियों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री आवास पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया। रजत ने कहा, "उन्होंने (प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों ने) कुछ समय मांगा है। उन्हें समय दे दिया गया है। वे फिर हमें बताएंगे। हम यहां बने रहेंगे।" छात्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ कोई भी चर्चा केवल छात्रों के बीच होगी और उन्होंने प्रस्ताव पर विचार करने के लिए दो घंटे का समय मांगा।
राज्यपाल से मिले मुख्यमंत्री, न्याय का दिया भरोसा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर जेपीएससी और जेएसएससी में कथित अनियमितताओं तथा चल रहे आंदोलन की जानकारी दी। राज्यपाल ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर जोर दिया। वहीं मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पीकर जारी रखा अनशन
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो, जो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे, ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के वीडियो कॉल पर हस्तक्षेप के बाद पानी पीकर अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया। महतो ने कहा, "मैंने आज पानी पी लिया है, लेकिन मेरी भूख हड़ताल जारी रहेगी। मैं अपना उपवास नहीं तोड़ना चाहता। लोग पिछले 26 वर्षों से इस स्थिति से परेशान हैं। नौकरियां बेची जा रही हैं और हर परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है।"
तिरंगा यात्रा निकालकर छात्रों ने जताया विरोध
आंदोलन के बीच प्रदर्शनकारी छात्रों ने रांची में तिरंगा यात्रा निकाली। एक छात्र ने कहा, "हम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग करते हुए यह तिरंगा मार्च निकाल रहे हैं। हमारी मांग है कि सरकार जो भी बातचीत करे, वह मीडिया के सामने हो।" वहीं दूसरे छात्र ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार चाहिए।
कांग्रेस ने छात्रों की मांगों का किया समर्थन
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की। पूनिया ने कहा कि कांग्रेस छात्रों और उनकी मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है और आगे भी हर परिस्थिति में उनका समर्थन करेगी। विनोद जाखड़ ने कहा कि छात्रों की शिकायतों और मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा तथा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है।
एनडीए ने भी दिया समर्थन, सीबीआई जांच की मांग
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एनडीए प्रतिनिधिमंडल ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। मरांडी ने कहा, "यह सिर्फ अनियमितता नहीं, बल्कि झारखंड में नौकरियों की बिक्री का मामला है। छात्रों की मांग जायज है। सरकार को परीक्षा रद्द कर पूरे मामले की सीबीआई जांच करानी चाहिए।"
भाजपा का सरकार पर हमला
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, सांसद संजय सेठ और प्रदेश महासचिव अमर कुमार बौरी ने राज्य सरकार पर छात्रों की अनदेखी करने और भर्ती प्रक्रिया में बड़े घोटालों का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने सीबीआई जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
सरकार बोली- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जांच एजेंसियां पूरी गंभीरता से काम कर रही हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने दोहराया कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। जेएमएम महासचिव विनोद पांडे ने कहा कि पार्टी छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है और सरकार जल्द ही उच्च स्तरीय समिति बनाकर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करेगी। वहीं जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा कि सीआईडी जांच शुरू हो चुकी है, कई जगह छापेमारी की जा रही है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मंत्री इरफान अंसारी ने बातचीत की अपील की
झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत के लिए आगे आने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। प्रदर्शनकारी छात्र 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) रद्द करने और टीडीपीएल एजेंसियों के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं की समीक्षा की मांग पर अड़े हुए हैं।
(एएनआई)