कलबुर्गी डीसी ने आवासीय स्कूलों के छात्रों से भोजन और सुविधाओं पर ली सीधी प्रतिक्रिया
कलबुर्गी (कर्नाटक) [भारत]: कलबुर्गी के उपायुक्त इकराम शरीफ ने जिले के आवासीय विद्यालयों के छात्रों से भोजन की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर सीधी प्रतिक्रिया लेने के लिए एक वर्चुअल वार्ता आयोजित की। मंगलवार को आयोजित गूगल मीट वार्ता के दौरान उपायुक्त ने सामाजिक कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों के तहत संचालित करीब 15 चयनित आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों से बातचीत की। शरीफ ने छात्रों से उनके छात्रावासों में भोजन व्यवस्था को लेकर सीधी प्रतिक्रिया मांगी। उन्होंने पूछा कि नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना उचित मात्रा और गुणवत्ता में उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं।
भोजन, स्वच्छता और सुविधाओं पर जोर
वार्ता का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आवासीय विद्यालयों में रहने वाले छात्रों को उचित भोजन, स्वच्छता और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। इस दौरान छात्रों ने अपने स्कूलों और छात्रावासों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं से जुड़ी कई मांगें भी उपायुक्त के सामने रखीं।
छात्रों ने रखीं कई मांगें
छात्रों ने खराब सौर प्रणालियों की मरम्मत, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ प्लांट लगाने, बेहतर सुरक्षा के लिए चारदीवारी बनाने और छात्रावासों में पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। छात्रों की चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए शरीफ ने उन्हें आश्वासन दिया कि स्कूल परिसरों के अंदर और आसपास स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाएगी और प्रशासन उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों पर ध्यान देगा। उन्होंने छात्रों से कहा, “गुणवत्तापूर्ण भोजन की आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है; इसके बारे में चिंता न करें। आप प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करके यहां पहुंचे हैं। उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए, पढ़ाई में अधिक समय दें। उच्च पदों तक पहुंचने और अपनी वार्षिक परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करें।”
अधिकारियों को जरूरतों की सूची तैयार करने के निर्देश
उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्कूलों की ओर से बताई गई बुनियादी ढांचागत जरूरतों की विस्तृत सूची तुरंत तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस सूची में डेस्क, बिजली व्यवस्था की मरम्मत, भवन निर्माण से जुड़े कार्य और आरओ प्लांट जैसी बुनियादी सुविधाओं की जरूरतें शामिल होने की उम्मीद है।
केकेआरडीबी के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा फंड
शरीफ ने कहा कि इन जरूरतों को कल्याणा कर्नाटक क्षेत्र विकास बोर्ड (केकेआरडीबी) के माध्यम से उपलब्ध निधियों या संबंधित विभागों की ओर से किए गए आवंटन से पूरा किया जाएगा। छात्रों के साथ यह प्रत्यक्ष संवाद विभागीय रिपोर्टों पर निर्भर रहने के बजाय आवासीय विद्यालयों के कामकाज की जमीनी स्थिति की सीधी जानकारी हासिल करने के प्रयास का हिस्सा है। वर्चुअल बैठक में समाज कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। सामाजिक कल्याण विभाग की संयुक्त निदेशक प्रीति डोड्डामणि, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और प्रभारी बीसीएम अधिकारी संगमेश भी बैठक में मौजूद रहे।
छात्रों के समग्र विकास पर प्रशासन का फोकस
प्रशासन का ध्यान भोजन की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे पर इसलिए है क्योंकि इन आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6 से 10 तक के छात्र पढ़ते हैं। ऐसे में पर्याप्त पोषण, सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल और बेहतर शिक्षण सुविधाएं छात्रों की शिक्षा और समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
एएनआई
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