कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश और उत्तराख

कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस की तैयारी पूरी, 20 जोन और 60 सेक्टर में बंटा क्षेत्र

Kanwar Yatra (File Photo)

मुजफ्फरनगर: सावन का महीना शुरू होने वाला है। शिव मंदिरों में जल चढ़ाने वाले तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था की गई है। प्रमुख मार्गों पर व्यापक पुलिस बल तैनात किया गया है और 28 अस्थायी पुलिस चौकियां बनाई गई हैं, जिनमें से प्रत्येक पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। ऐसे में कांवड़ यात्रा से पहले उत्तर प्रदेश प्रशासन ने त्योहार के दौरान वाहनों की सुरक्षित और दुर्घटना-मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक मार्ग परिवर्तन योजना लागू की है। 

कांवड़ियों के लिए हाईवे पर विशेष इंतजाम

मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा के अनुसार, 29-30 जुलाई की रात से 12 अगस्त तक जिले में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। एनएच-58 पर हरिद्वार की ओर से आने वाली बाईं लेन 29-30 जुलाई से 4 अगस्त तक श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि दाईं लेन मेरठ और हरिद्वार दोनों तरफ से आने वाले हल्के वाहनों के लिए खुली रहेगी। इसके अलावा एनएच-58 पर 4 अगस्त से 26 अगस्त तक यातायात पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा और दोनों लेन विशेष रूप से कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेंगी। संयुक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा ने कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यापक व्यवस्थाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने प्रमुख मार्गों पर कड़े इंतजाम किए हैं।

सड़कों के किनारे लगाए गए 3,000 सीसीटीवी कैमरे 

एएनआई से बात करते हुए संयुक्त आयुक्त ने बताया कि पूरे पुलिस आयुक्त क्षेत्र को 20 जोन और 60 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक जोन और सेक्टर में दो किलोमीटर के गश्ती क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं और कांवड़ समूहों के साथ समन्वय के लिए संपर्क अधिकारी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा राज्य के महत्वपूर्ण स्थानों पर सड़कों के किनारे 3,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में शराब और मांस की दुकानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस आयुक्त क्षेत्र को 20 जोन और 60 सेक्टरों में किया गया विभाजित

पूरे पुलिस आयुक्त क्षेत्र को 20 जोन और 60 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिनमें दो किलोमीटर के गश्ती क्षेत्र निर्धारित हैं। कांवड़ समूहों के साथ समन्वय के लिए प्रत्येक जोन और सेक्टर में संपर्क अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मार्गों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर 3,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा इन मार्गों पर स्थित शराब और मांस की दुकानों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। एसीपी, एडीसीपी, संबंधित डीसीपी और मेरे द्वारा सभी स्थानों और मार्गों का लगातार मौके पर निरीक्षण किया जा रहा है। 

कांवड़ यात्रा की सभी तैयारियां हुईं पूरी

इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राज्य श्रद्धालुओं का देवभूमि में स्वागत करने के लिए तैयार है। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से तीर्थयात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा की है, जिसमें पवित्र जल एकत्र करने की सुविधा, स्वच्छता, आवास, परिवहन और सुरक्षा शामिल हैं। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हम देवभूमि उत्तराखंड में सभी कांवड़ियों का स्वागत करेंगे। मैंने व्यक्तिगत रूप से बैठकें करके सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। चाहे वह पवित्र जल संग्रहण के लिए निर्धारित स्थान हों, स्वच्छता हो, आवास हो, परिवहन हो या सुरक्षा। 

(एएनआई)

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