कर्नाटक सरकार कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR)

कर्नाटक में CSR परियोजनाओं के लिए GCC और सरकार के बीच बनेगा ढांचा, प्रियांक खर्गे ने किया ऐलान

Karnataka to Develop Framework for CSR Projects with GCCs, Announces Priyank Kharge

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) से जुड़ी पहलों पर वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC) और सरकारी विभागों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक व्यवस्थित ढांचा तैयार करने की दिशा में काम करेगी। राज्य के गृह, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियांक खर्गे ने बुधवार को यह जानकारी दी। बेंगलुरु के ओबेरॉय होटल में सोलऐस की ओर से आयोजित GCC CSR नेतृत्व मंच में बोलते हुए मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित ढांचे से कंपनियों को संबंधित सरकारी विभागों की पहचान करने, प्रक्रियाओं को समझने और CSR परियोजनाओं के लिए मंजूरी लेने में आने वाली चुनौतियों को दूर करने में मदद मिलेगी।

CSR प्राथमिकताओं को राज्य की जरूरतों से जोड़ा जाएगा

प्रियांक खर्गे ने कहा, “GCC के पास कर्नाटक के विकास में योगदान देने की इच्छा और संसाधन हैं। हम उनकी CSR प्राथमिकताओं को राज्य की जरूरतों से जोड़ने और संबंधित सरकारी विभागों के साथ सहयोग को आसान बनाने के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण पर काम करेंगे। इससे कंपनियों के इरादों को जमीनी स्तर पर मापने योग्य प्रभाव वाली सार्थक पहलों में बदलने में मदद मिलेगी।” उन्होंने GCC को उन क्षेत्रों और समुदायों की पहचान करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिन्हें वे सहयोग देना चाहते हैं। इससे सरकार राज्य की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप केंद्रित साझेदारी को बढ़ावा दे सकेगी।

शिक्षा, कौशल विकास और जल प्रबंधन पर जोर

मंत्री ने कहा कि GCC के पास शिक्षा, कौशल विकास, आजीविका, जल प्रबंधन, सतत विकास, पोषण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में सरकार के साथ मिलकर काम करने के कई अवसर हैं। उन्होंने कंपनियों को स्टार्टअप और उद्योगों की ओर से विकसित समाधानों की संभावनाएं तलाशने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इन समाधानों का पहले प्रायोगिक स्तर पर परीक्षण किया जा सकता है और सफल होने पर इन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है।

कंप्यूटर वितरण और नेत्र परीक्षण जैसी पहलों का जिक्र

कॉर्पोरेट संसाधनों को समुदायों की जरूरतों से जोड़ने वाली पहलों का उदाहरण देते हुए खर्गे ने जमीनी स्तर के कार्यालयों और छात्रावासों में करीब 1,000 नवीनीकृत कंप्यूटर वितरित करने का उल्लेख किया। उन्होंने एक नेत्र परीक्षण पहल का भी जिक्र किया, जिससे 2 लाख से अधिक लोगों को लाभ हुआ है। मंत्री ने GCC के लिए जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा और शहरी अपशिष्ट जल प्रबंधन के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने जिम्मेदार तकनीक अपनाने की जरूरत बताते हुए डेटा गोपनीयता और साइबर सुरक्षा से जुड़े सुरक्षा उपायों के महत्व पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने सार्वजनिक अवसंरचना, शिक्षा और कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में भी कंपनियों की भागीदारी की संभावनाओं का उल्लेख किया।

GCC में CSR की स्थिति पर रिपोर्ट जारी

इस मंच पर सोलऐस की रिपोर्ट *'स्टेट ऑफ CSR इन इंडियाज GCC 2025-26'* का भी विमोचन किया गया। यह रिपोर्ट भारत में वैश्विक क्षमता केंद्रों के बीच CSR से जुड़ी प्राथमिकताओं और गतिविधियों का विश्लेषण करती है। प्रस्तावित ढांचे का उद्देश्य GCC और सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ परिणाम आधारित साझेदारी को बढ़ावा देना है, ताकि कॉर्पोरेट संसाधनों और विशेषज्ञता का उपयोग कर्नाटक में सतत और समावेशी विकास के लिए किया जा सके।

(एएनआई)

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