कर्नाटक के यादगीर में दिल दहला देने वाली घटना: 22 वर्षीय महिला से बंधक बनाकर बार-बार दुष्कर्म
यादगीर (कर्नाटक)। कर्नाटक में कई स्थानों पर 22 वर्षीय महिला के साथ बार-बार यौन उत्पीड़न, डराने-धमकाने और बंधक बानने के आरोप में दो रेलवे पुलिसकर्मियों सहित 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम द्वारा बचाई गई पीड़िता की लिखित शिकायत पर यादगीर महिला पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
घरेलू परेशानी से परेशान होकर पहुंची थी यादगीर
पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। नामजद आरोपियों में मल्लू उर्फ मल्लप्पा, रेलवे पुलिसकर्मी शरणप्पा, एक और अज्ञात रेलवे पुलिसकर्मी, महेश, आकाश उर्फ पप्पू और हर्षा उर्फ सुधाकर का नाम शामिल हैं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता घरेलू समस्याओं से परेशान होकर ट्रेन से बेंगलुरु से यादगीर आई थी। तड़के यादगीर रेलवे स्टेशन के वेटिंग एरिया में बैठी महिला के पास मल्लप्पा आया। उसने दावा किया कि वह भी उसी ट्रेन से आया था और मदद की पेशकश की।
रेलवे स्टेशन पर आरोपियों ने बनाया शिकार
शादी का झांसा देकर उसका भरोसा जीतने के बाद, मल्लप्पा उसे रेलवे स्टेशन के पास एक घर में ले गया। उसने कहा कि यह घर उसके किसी रिश्तेदार का है। वहां उसने महिला के विरोध के बावजूद कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया। इसके कुछ ही देर बाद, रेलवे पुलिस के दो कर्मचारी - जिनकी पहचान शरणप्पा और एक अज्ञात अधिकारी के तौर पर हुई - वहां पहुंचे। उन्होंने पीड़िता को धमकाया और उसकी मर्जी के खिलाफ उसका यौन उत्पीड़न किया।
लॉज में ले जाकर किया गया बार-बार उत्पीड़न
इसके बाद मल्लप्पा ने उसे रेलवे स्टेशन पर ही छोड़ दिया। बाद में, महेश नाम का एक और आरोपी उसके पास आया और कहा कि मल्लप्पा ने उसे महिला को अस्पताल ले जाने के लिए भेजा है। लेकिन वह उसे अस्पताल ले जाने के बजाय नए बस स्टैंड के पास एक लोकल लॉज में ले गया और धमकी देकर कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया। इसके बाद पीड़िता कलबुर्गी चली गई। करीब एक महीने बाद, मल्लप्पा ने उसे ढूंढ निकाला और फिर से शादी का वादा किया। वह शादी के कागजात तैयार करने के बहाने उसे शाहपुर ले गया, जहां एक लॉज में उसने कथित तौर पर फिर से उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।
बेंगलुरु लौटते वक्त फिर बनाया गया निशाना
शिकायत के अनुसार, जब पीड़िता बाद में बेंगलुरु लौटने के इरादे से यादगीर रेलवे स्टेशन लौटी, तो रमेश, आकाश उर्फ पप्पू और हर्षा उर्फ सुधाकर सहित तीन अन्य लोगों ने उसे बीच में ही रोक लिया। आकाश और हर्षा उसे एक कार में बैठाकर ले गए; रास्ते में हर्षा उतर गया, जबकि आकाश उसे एक सुनसान जगह पर ले गया और बेंगलुरु लौटने के लिए ₹2,000 देने से पहले कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया।
नौकरी और शादी का झांसा देकर कैद किया
महिला के बेंगलुरु पहुंचने के बाद भी यह परेशानी जारी रही। यहां आकाश ने उससे संपर्क किया और कहा कि अगर वह कलबुर्गी लौटती है तो वह उसे नौकरी और शादी का वादा करता है। वहां पहुंचने पर, आकाश ने कथित तौर पर उसे दो दिनों तक एक कमरे में बंद रखा और बार-बार उसके साथ मारपीट और यौन उत्पीड़न किया, फिर पुलिस द्वारा पीछा किए जाने की बात कहते हुए उसे रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया। इसके बाद, हर्षा ने पीड़िता से संपर्क किया और उसे रहने की जगह और घरेलू काम देने की पेशकश की। उसने कथित तौर पर उसे अलंद तालुक के एक गांव में अपने घर ले जाकर उसका यौन उत्पीड़न किया, और बाद में आधार कार्ड बनवाने के बहाने उसे अलंद के एक लॉज में ले गया, जहां उसने फिर से उसके साथ मारपीट की और उसे धमकाया।
सह-यात्री की मदद से बची पीड़िता की जान
यह लगातार उत्पीड़न तब खत्म हुआ जब पीड़िता अलंद से निकलने में कामयाब रही और शाहपुर जाने वाली बस में सवार हो गई। एक सह-यात्री ने उसे बुरी तरह रोते हुए देखा और तुरंत पुलिस की इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 को सूचित किया। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने बस को रोका, पीड़िता को बचाया और उसे यादगीर में सरकार द्वारा चलाए जा रहे महिला आश्रय गृह 'शक्ति सदन' पहुंचाया। आश्रय गृह के अधिकारियों द्वारा काउंसलिंग के बाद, उसने घटनाक्रम के बारे में बताया और यादगीर महिला पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की व्यापक जांच चल रही है और अपराध में शामिल सभी आरोपियों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीमें तैनात की गई हैं। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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