केरल में ड्रग्स के खिलाफ 'ऑपरेशन तूफान': मलप्पुरम में 10 करोड़ का नशा जब्त, 3 महीने में 10 हजार से ज्यादा गिरफ्तार
मलप्पुरम (केरलम)। केरलम में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष राज्यव्यापी अभियान 'ऑपरेशन तूफान' (Operation Thoofan) के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। मलप्पुरम में ₹10 करोड़ से अधिक मूल्य के प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। ड्रग सिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए राज्यभर में यह अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
जांच और पुलिस कार्रवाई की वर्तमान स्थिति
इस नशामुक्ति अभियान को शुरू हुए लगभग तीन महीने होने वाले हैं। इस दौरान केरलम पुलिस ने राज्यभर में सघन छापेमारी कर अब तक 10,500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस और जांच एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 21 किलो से अधिक एमडीएमए (MDMA) और 1,100 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया है। इसके अलावा कई स्थानों पर अवैध रूप से की जा रही गांजे की खेती को भी नष्ट किया गया है।
"स्कूलों और कॉलेजों में बढ़ाई गई है निगरानी"
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में महानिरीक्षक (IG) पुट्टा विमलादित्य ने इस अभियान की प्रगति साझा की। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन तूफान बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है। अभियान शुरू हुए लगभग तीन महीने पूरे होने वाले हैं और अब तक हमने 10,500 लोगों को गिरफ्तार किया है। हमने 21 किलो से अधिक एमडीएमए और 1,100 किलो गांजा जब्त किया है, साथ ही विभिन्न स्थानों पर उगाए गए कई पौधों को भी नष्ट किया है। यह अभियान सभी स्कूलों और कॉलेजों में मजबूत उपस्थिति के साथ आगे बढ़ रही है।"
आईजी ने आगे बताया कि इस अभियान में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरे केरलम में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा, "इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए न केवल केरलम में, बल्कि इससे जुड़े अन्य सभी क्षेत्रों में अंतर-एजेंसी (inter-agency) और अंतर-सरकारी (inter-government) समन्वय को मजबूत किया गया है।"
कैसे हुआ इस बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश?
इस बड़ी जब्ती की जड़ें कुछ सप्ताह पूर्व हुई एक गिरफ्तारी से जुड़ी हैं। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मंजेरी (Manjeri) कस्बे के एक निजी अपार्टमेंट से ड्रग तस्करी गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से लगभग 100 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया था। विशेष जांच दल (SIT) द्वारा इन आरोपियों से की गई विस्तृत पूछताछ में एक बड़े अंतर्राज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के सुराग मिले, जो कथित तौर पर केरलम के भीतर और बाहर सक्रिय था।
लक्जरी गाड़ियों में छिपे होते थे सीक्रेट केबिन
आगे की तफ्तीश में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि यह गिरोह कथित तौर पर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के गुप्त स्थानों से बड़ी मात्रा में एमडीएमए खरीद कर उसका भंडारण करता था। बाद में इन नशीले पदार्थों की सप्लाई केरलम, तमिलनाडु और कर्नाटक में की जाती थी।
पुलिस विज्ञप्ति के अनुसार, ड्रग्स की तस्करी के लिए गिरोह उन लक्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल करता था जिनमें खास तौर पर 'गुप्त डिब्बे' (secret compartments) बनाए गए थे, ताकि पुलिस की चेकिंग से बचा जा सके। पुलिस की निगरानी में यह भी संकेत मिला है कि तमिलनाडु के कोयंबटूर, पलानी, पोलाची और कोडाइकनाल का उपयोग ट्रांजिट पॉइंट (पारगमन बिंदु) और ड्रग सौदों के लिए किया जा रहा था। मामले की जांच अभी जारी है। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
यह भी पढ़ें: केरलम की 19 वर्षीय काज़िया लिज़ मेजो बनीं मिस यूनिवर्स इंडिया 2026