जालौन में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण

जालौन में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की समीक्षा बैठक: गांवों के समग्र विकास और रोजगार सृजन पर जोर

Keshav Maurya Reviews Rural Development in Jalaun

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनपद जालौन में ग्राम्य विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर काम करें। उन्होंने कहा कि गांवों का समग्र विकास और गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रोजगार और श्रमिकों के समय पर भुगतान पर जोर

उप मुख्यमंत्री ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत रोजगार सृजन की प्रगति तथा 12 अक्टूबर को आयोजित विशेष रोजगार सृजन दिवस की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रमिकों की मांग के अनुरूप उन्हें लगातार काम उपलब्ध कराया जाए और किए गए कार्यों का भुगतान समय से सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

गांवों में बुनियादी सुविधाएं और आजीविका होंगी मजबूत

मौर्य ने गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए कच्चे मार्गों से जुड़े सार्वजनिक स्थलों को पक्के मार्गों से जोड़ने तथा ग्राम पंचायतों में कम्युनिटी हॉल के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए आय बढ़ाने वाली गतिविधियों का विस्तार करने तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं में बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया।

पात्र परिवारों को प्राथमिकता से मिलेगा आवास का लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित परिवारों, विधवा महिलाओं और अन्य पात्र जरूरतमंदों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र परिवार आवास योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए तथा सभी कार्य पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरे किए जाएं।

महिला समूहों को लघु उद्योगों से जोड़ने की तैयारी

मौर्य ने टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांटों के आसपास महिलाओं के लिए मसाला उद्योग सहित लघु एवं कुटीर उद्योग विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जाए। इससे महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

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