नसीरुद्दीन शाह के 'दिमागी नक्सल' बयान पर विवाद, किरेन रिजिजू और अशोक पंडित ने साधा निशाना
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को नसीरुद्दीन शाह के "दिमागी नक्सल" सोच वाले बयान की आलोचना की। मंगलवार को नसीरुद्दीन शाह ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने 'दिमागी नक्सल' लिखा हुआ बैज पहना था। साथ ही उन्होंने दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के उन स्टूडेंट्स को अपना सपोर्ट दिया जो अपने स्टूडेंट्स यूनियन को फिर से बनाने के लिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए रिजिजू ने कहा, मुझे तो पता भी नहीं था कि नसीरुद्दीन इस तरह की "दिमागी नक्सल" सोच वाले इंसान हैं। मैं उन्हें बस एक आर्टिस्ट समझता था। वह एक ठीक-ठाक अच्छे आर्टिस्ट लगते थे। इसलिए मैंने उन्हें बस एक आर्टिस्ट के तौर पर देखा। पता चला कि वह खुद एक मेंटल नक्सल हैं।
नसीरुद्दीन शाह पर रिजिजू का हमला
बुधवार को रिजिजू ने भी अपने X हैंडल पर नसीरुद्दीन के बयान की आलोचना करते हुए लिखा, मुझे लगता था कि नसीरुद्दीन शाह बस एक आम एक्टर हैं। मैं उनकी इज्ज़त करता था और उन्हें पसंद करता था। मुझे कभी नहीं पता था कि वह एक खतरनाक अर्बन दिमागी नक्सल हैं। इससे पहले प्रोड्यूसर अशोक पंडित ने भी नसीरुद्दीन शाह के "दिमागी नक्सल" वाले कमेंट की बुराई की थी और इसे एक्टर की कथित फ्रस्ट्रेशन और इनसिक्योरिटी की वजह बताया था। उन्होंने शाह को उनकी मेंटल हेल्थ की चिंता बताते हुए साइकेट्रिस्ट से सलाह लेने का भी सुझाव दिया था। ANI से बात करते हुए अशोक पंडित ने नसीरुद्दीन शाह को एक "कम्पल्सिव अब्यूज़र" कहा, जो बार-बार अपनी भाषा और पब्लिक बिहेवियर से फ्रस्ट्रेशन दिखाते हैं, और दावा किया कि ये गुस्से एक्टर की पब्लिक इमेज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
अशोक पंडित का नसीरुद्दीन शाह पर पलटवार
अशोक पंडित ने कहा, मैं नसीरुद्दीन शाह की गाली-गलौज से हैरान नहीं हूं, क्योंकि पिछले कुछ महीनों से असल में एक साल से वह लगातार गलत बर्ताव कर रहे हैं। एक मजबूरी में गाली देने वाले बन गए हैं, जिस तरह की भाषा वह इस्तेमाल करते हैं, जिस तरह से वह अपना चेहरा बिगाड़ते हैं। वह अपनी फ्रस्ट्रेशन दिखाते हैं। इसके पीछे कुछ वजहें हैं, मैं समझ सकता हूं, और मुझे उन पर दया आती है। अशोक पंडित ने आगे कहा, जब मैं उन्हें कैमरे पर पूरी तरह से बिगड़ा हुआ, पूरी तरह से फ्रस्ट्रेट देखता हूं। वह अपनी फ्रस्ट्रेशन निकालने की कोशिश कर रहे होते हैं, जितना ज़्यादा वह अपनी फ्रस्ट्रेशन निकालते हैं, वह दिन-ब-दिन, हर दिन एक्सपोज़ होते जाते हैं।
अशोक पंडित ने नसीरुद्दीन शाह को साइकेट्रिस्ट से सलाह लेने की दी नसीहत
फिल्म प्रोड्यूसर का आरोप है कि नसीरुद्दीन का बर्ताव आइडियोलॉजिकल मतभेदों की वजह से है। उन्होंने एक्टर को साइकेट्रिक हेल्प लेने का सुझाव दिया। अशोक पंडित ने कहा, शायद उनके इनसिक्योर महसूस करने का एक कारण यह है कि जो फिल्में देश में अच्छा कर रही हैं, वे उन्हें सूट नहीं कर रही हैं। कश्मीर फाइल्स, केरल स्टोरी, धुरंधर जैसी फिल्में। ये कहानियां उन्हें सूट नहीं कर रही हैं। वे हीन भावना से ग्रसित हैं। इसलिए, इस तरह का व्यवहार करके वह बाहर आने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए मुझे लगता है, आखिर में, मैं उनसे कहना चाहूंगा कि उन्हें साइकेट्रिस्ट से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि इससे उनकी मेंटल हेल्थ पर असर पड़ रहा है। एक नॉर्मल इंसान ऐसा व्यवहार नहीं करेगा।
नसीरुद्दीन शाह ने खुद को बताया 'दिमागी नक्सल'
नसीरुद्दीन के बयान की आलोचना तब हुई जब एक्टर ने मंगलवार को एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, मैं गर्व से कहता हूं कि मैं दिमागी नक्सल हूं। मुझे नहीं पता कि वॉचमैन ने मेरे जैसे लोगों को और क्या-क्या निकनेम दिए हैं, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग, और मुझे नहीं पता और क्या-क्या। इस पुराने एक्टर ने हाल के महीनों में अक्सर अपने सोशल मीडिया हैंडल का इस्तेमाल स्टूडेंट प्रोटेस्ट को सपोर्ट करने के लिए किया है, जिसमें पिछले हफ्ते कोलकाता में SRFTI में हुआ स्टूडेंट प्रोटेस्ट भी शामिल है।
(इनपुट: ANI)
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