केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय सेना के एक

कोलकाता में 50 लाख रिश्वत कांड: सेना का सेवारत कर्नल सीबीआई के हत्थे चढ़ा

Criminal Conspiracy

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय सेना के एक सेवारत कर्नल को गिरफ्तार किया है, जो कोलकाता के फोर्ट विलियम स्थित पूर्वी कमान में सेना आयुध कोर (एओसी) में तैनात थे। उन पर 50 लाख रुपये के रिश्वत कांड में संलिप्तता का आरोप है।

भ्रष्टाचार और साजिश के आरोप

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की कई धाराओं के तहत दर्ज एफआईआर के अनुसार, कर्नल बाली कथित तौर पर आपराधिक साजिश और रिश्वतखोरी में शामिल थे।

टेंडर और बिल पास कराने में गड़बड़ी

अधिकारियों के अनुसार, बाली नियमित रूप से भ्रष्ट आचरण में लिप्त थे, जिसमें निविदाओं के आवंटन में हेराफेरी, बढ़ाए गए या लंबित बिलों को मंजूरी देना और जानबूझकर घटिया सामग्री के नमूनों को मंजूरी देना शामिल था।

निजी कंपनी को पहुंचाया गया फायदा

इस व्यवस्था का मुख्य लाभार्थी कानपुर स्थित निजी कंपनी मेसर्स ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड है, जो पूरे भारत में रक्षा प्रतिष्ठानों को विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने में विशेषज्ञता रखती है।

कारोबारी और सहयोगी भी जांच के घेरे में

अक्षत अग्रवाल और उनके पिता मयंक अग्रवाल कथित तौर पर अपनी कंपनी के लिए अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए कर्नल बाली के नियमित संपर्क में थे। एफआईआर में कर्नल हिमांशु बाली, मेसर्स ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड के अक्षत अग्रवाल, कानपुर कैंट, 34, कारियाप्पा रोड निवासी मयंक अग्रवाल, अक्षत अग्रवाल के सहयोगी आशुतोष शुक्ला, नरेश पाल और अन्य के नाम शामिल हैं।

(एएनआई)

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