KTR ने तेलंगाना में 3,296 करोड़ रुपये के रेडियल रो

तेलंगाना में 3,296 करोड़ के रेडियल रोड-2 टेंडर पर KTR के सवाल, रद्द करने और जांच की मांग

KTR Alleges Irregularities in Telangana’s Rs 3,296 Crore Radial Road-2 Tender

हैदराबाद (तेलंगाना)। तेलंगाना में 3,296 करोड़ रुपये के रेडियल रोड-2 प्रोजेक्ट के टेंडर को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पक्षपात के आरोप लगाए हैं। KTR ने टेंडर रद्द करने, पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने और सभी वित्तीय व तकनीकी दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 13 बोलियों की जांच और मूल्यांकन की प्रक्रिया महज पांच कामकाजी दिनों में कैसे पूरी कर ली गई। हालांकि, ये आरोप KTR की ओर से लगाए गए हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

बुडवेल से कोडंगल तक बनेगा 81.15 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे

रेडियल रोड-2 परियोजना के तहत बुडवेल में आउटर रिंग रोड (ORR) से कोडंगल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग NH-167N तक 81.15 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाना है। इस परियोजना को तीन अलग-अलग पैकेज में बांटा गया है।

KTR ने सवाल उठाया कि क्या टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई और क्या सभी बोलीदाताओं पर तकनीकी पात्रता के नियम समान रूप से लागू किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कंपनियों को बाहर करने के लिए तकनीकी आधारों का इस्तेमाल किया गया, जबकि पसंदीदा कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट दिए गए।

पांच कार्यदिवसों में 13 बोलियों के मूल्यांकन पर सवाल

KTR के पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार, टेंडर के लिए बोली जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर थी। तकनीकी मूल्यांकन, पात्रता की जांच, वित्तीय बोलियां खोलने और कॉन्ट्रैक्ट आवंटन की प्रक्रिया 8 अक्टूबर तक पूरी कर ली गई थी।

KTR ने सवाल किया कि इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में 13 बोलियों का मूल्यांकन और पूरी प्रक्रिया लगभग पांच कार्यदिवसों में कैसे पूरी कर ली गई। उन्होंने तकनीकी मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए सरकार से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।

तीन पैकेज के आवंटन और लागत का पूरा ब्योरा मांगा

KTR की ओर से बताई गई जानकारी के अनुसार, रेडियल रोड-2 का पैकेज-I NCC लिमिटेड को 1,286.03 करोड़ रुपये में आवंटित किया गया। यह कीमत अनुमानित लागत से 3.95 प्रतिशत अधिक बताई गई है। वहीं, पैकेज-II BVSR और पैकेज-III GKC को दिया गया।

KTR ने तीनों पैकेज की अनुमानित लागत, वित्तीय बोलियों, तुलनात्मक विवरण और कॉन्ट्रैक्ट की अंतिम कीमतों को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने टेंडर आवंटन से जुड़ी पूरी वित्तीय जानकारी जनता के सामने क्यों नहीं रखी।

तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

KTR ने बोलीदाताओं के तकनीकी मूल्यांकन में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार से तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट जारी करने और प्रत्येक बोलीदाता को अयोग्य ठहराए जाने के विशिष्ट कारण सार्वजनिक करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सरकारी कॉन्ट्रैक्ट आवंटित करते समय सभी कंपनियों के लिए समान नियम और पारदर्शी प्रक्रियाएं अपनाई जानी चाहिए। उनके मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक होने से कॉन्ट्रैक्टरों के चयन में लिए गए फैसलों की जानकारी सामने आ सकेगी।

सुशी इंफ्रा के मामले में 600 करोड़ रुपये के संभावित नुकसान का दावा

KTR ने कोर्ट की कार्यवाही में सुशी इंफ्रा एंड माइनिंग लिमिटेड की ओर से दी गई दलीलों का भी उल्लेख किया। इन दलीलों में आरोप लगाया गया था कि तीनों पैकेज में कंपनी को अयोग्य ठहराए जाने से राज्य को लगभग 600 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो सकता है।

प्रेस रिलीज के अनुसार, KTR ने इस दावे की विस्तृत जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जमा की गई बोलियों, परियोजना की अनुमानित लागत और कॉन्ट्रैक्ट की अंतिम कीमतों की तुलना की जानी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सरकारी खजाने को कोई नुकसान हुआ है या नहीं। यदि कोई अनियमितता साबित होती है, तो जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की गई।

रेडियल रोड-1 के टेंडर पर भी उठाए सवाल

KTR ने रेडियल रोड-1 परियोजना के टेंडर को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 591 करोड़ रुपये थी, जबकि अंतिम आवंटन अनुमानित लागत से करीब 15 प्रतिशत अधिक था।

उन्होंने सरकार से रेडियल रोड-1 और रेडियल रोड-2, दोनों परियोजनाओं के टेंडर से संबंधित सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही, बोली लगाने से लेकर कॉन्ट्रैक्ट आवंटन तक की प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा करने की बात कही।

HMDA और HGCL के कॉन्ट्रैक्ट्स के विशेष CAG ऑडिट की मांग

KTR ने रेडियल रोड-2 टेंडर को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच कराने के साथ कई अन्य मांगें भी रखीं। इनमें तीनों पैकेज की वित्तीय जानकारी, तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट, तुलनात्मक विवरण और टेंडर मूल्यांकन समिति की बैठकों के कार्यवृत्त सार्वजनिक करना शामिल है।

उन्होंने लगभग 600 करोड़ रुपये के संभावित वित्तीय नुकसान की जांच और पिछले तीन वर्षों में दिए गए 100 करोड़ रुपये से अधिक के HMDA और HGCL कॉन्ट्रैक्ट्स का विशेष CAG ऑडिट कराने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने टेंडर प्रक्रिया, बोलीदाताओं की अयोग्यता और कॉन्ट्रैक्ट आवंटन से जुड़े मामलों पर श्वेत पत्र जारी करने तथा तकनीकी पात्रता मानदंडों को समान रूप से लागू करने के लिए स्पष्ट सुरक्षा उपाय अपनाने की मांग की।

KTR बोले- सरकारी धन से जुड़े सवालों का जवाब दे सरकार

KTR ने कहा कि सरकार सरकारी धन से बनने वाली बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से जुड़े सवालों से बच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि यदि आरोप बेबुनियाद हैं, तो सरकार को दस्तावेजी सबूतों के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं, यदि किसी तरह की गड़बड़ी या वित्तीय नुकसान साबित होता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। KTR के मुताबिक, तेलंगाना के सार्वजनिक धन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से रेडियल रोड-2 टेंडर से जुड़े सभी सवालों का जवाब देने और मांगे गए दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।

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