कुंभ-2027 की पेशवाईयों की तैयारियां तेज, निरंजनी अखाड़े के मार्ग का हुआ निरीक्षण
हरिद्वार (उत्तराखंड)। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत अखाड़ों की पेशवाई को लेकर मेला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव महंत राम रतन गिरी और मेला प्रशासन के अधिकारियों ने पेशवाई के प्रस्तावित मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। गोविंदपुरी से निरंजनी अखाड़ा परिसर स्थित छावनी स्थल तक प्रस्तावित मार्ग पर सुरक्षा, यातायात, बिजली, प्रकाश व्यवस्था, पेड़ों और सड़क की चौड़ाई समेत विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों को पेशवाई की भव्यता और बड़ी संख्या में साधु-संतों व श्रद्धालुओं की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
निरंजनी अखाड़े के पेशवाई मार्ग का निरीक्षण
इसी क्रम में बुधवार को श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव श्री महंत राम रतन गिरी के साथ मेला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने प्रस्तावित पेशवाई मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पेशवाई को लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं, सुगमता और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर मौके पर चर्चा की गई। संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियों के संबंध में दिशा-निर्देश भी दिए गए।
गोविंदपुरी से छावनी स्थल तक जाएगा मार्ग
परंपरानुसार श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी की पेशवाई एसएमजेएन पीजी कॉलेज परिसर, गोविंदपुरी से शुरू होकर निरंजनी अखाड़ा परिसर स्थित छावनी स्थल तक जाएगी। अधिकारियों ने अखाड़े के सचिव के साथ पूरे प्रस्तावित रूट का निरीक्षण किया। यह मार्ग गोविंदपुरी से रानीपुर मोड़, शंकर आश्रम, सिंहद्वार, देशरक्षक तिराहा, बाबा रामदेव पुलिया, झंडा चौक, बंगाली मोड़, शंकराचार्य चौक, तुलसी चौक और वाल्मीकि चौक होते हुए निरंजनी अखाड़ा मार्ग से छावनी स्थल तक जाएगा।
रथ, हाथियों और झांकियों को ध्यान में रखकर जांचा मार्ग
निरीक्षण के दौरान पेशवाई में शामिल होने वाले साधु-संतों, रथों, हाथियों, धार्मिक प्रतीकों, ध्वजों और झांकियों की संख्या व ऊंचाई को ध्यान में रखते हुए मार्ग की भौतिक स्थिति का जायजा लिया गया। मार्ग में संभावित बाधाओं, यातायात व्यवस्था, विद्युत और अन्य उपयोगिता सेवाओं, पेड़ों, मार्ग की चौड़ाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
भव्य पेशवाई के अनुरूप सुरक्षा और सुविधा पर जोर
श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के सचिव श्री महंत राम रतन गिरी ने अधिकारियों के साथ पेशवाई की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पेशवाईयों में बड़ी संख्या में साधु-संतों के साथ रथ, हाथी, धार्मिक प्रतीक, ध्वज और विभिन्न प्रकार की झांकियां शामिल होती हैं। उन्होंने कहा कि इनके स्वरूप और ऊंचाई को ध्यान में रखते हुए मार्ग पर सुगम और सुरक्षित आवागमन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कुंभ-2027 को लेकर सरकार और मेला प्रशासन की तैयारियों की सराहना करते हुए प्रशासन को साधु-संतों और अखाड़ों की ओर से पूरा सहयोग देने की बात कही।
समय से पूरी हो समेकित कार्ययोजना
उप मेलाधिकारी श्री मनजीत सिंह गिल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि पेशवाई मार्गों और छावनियों से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए समेकित कार्ययोजना तैयार कर सभी कार्य समय से पूरे किए जाएं। उन्होंने पेशवाई के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने को देखते हुए यातायात, सुरक्षा, अग्निशमन, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संभावित बाधाओं को समय रहते चिह्नित कर उनका निराकरण करने को भी कहा गया।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी श्रीमती पूनम कैंथोला, सीओ (कुंभ) श्री उमेश मलिक, सीओ (यातायात) श्री बिपेन्द्र सिंह और मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री वंश बहादुर यादव मौजूद रहे। इसके अलावा मेला प्रशासन, पुलिस विभाग, फायर सर्विस, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, यूपीसीएल, जल संस्थान, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी निरीक्षण में शामिल रहे।
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