कुंभ-2027 की तैयारियों में तेजी, हरिद्वार में रात को भी निर्माण कार्यों का निरीक्षण
हरिद्वार (उत्तराखंड)। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए मेला प्रशासन ने निर्माण कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। प्रमुख परियोजनाओं में जरूरत के अनुसार दिन और रात की पालियों में काम कराया जा रहा है। कंट्रोल रूम से प्राप्त रिपोर्ट, ऑनलाइन माध्यमों और स्थलीय निरीक्षण के जरिए निर्माण कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। समीक्षा के आधार पर संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।
अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने आधी रात को किया निरीक्षण
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देश पर अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने पिछली मध्य रात्रि हरिद्वार में विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने खड़खड़ी में सूखी नदी पर निर्माणाधीन पुल के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इसके अलावा भूपतवाला से जटवाड़ा पुल तक पुरानी दिल्ली-नीति पास मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण, फुटपाथ निर्माण और अन्य संबंधित कार्यों की स्थिति देखी। उन्होंने घाटों पर चल रहे निर्माण कार्यों की भी जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी ने प्रमुख निर्माण कार्यों में जरूरत के अनुसार श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित समयसीमा का पालन किया जाए। इसके साथ ही सभी कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया गया। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से तृतीय पक्ष से जांच कराने के निर्देश भी दिए गए।
कंट्रोल रूम और ऑनलाइन माध्यमों से निर्माण कार्यों की निगरानी
मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका के निर्देशानुसार रोशनाबाद स्थित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DDMA) में स्थापित कंट्रोल रूम से मेला क्षेत्र के निर्माण कार्यों की दैनिक प्रगति पर नजर रखी जा रही है। विभिन्न पालियों में किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट भी प्राप्त की जा रही है। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों से निर्माण गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। ऑनलाइन विवरण और शिफ्टवार रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों तथा कार्यदायी संस्थाओं को जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि कमियों का समय रहते समाधान किया जा सके।
कम श्रमिकों की तैनाती और धीमी प्रगति पर होगी कार्रवाई
मेला प्रशासन कार्यस्थलवार प्रगति की समीक्षा कर रहा है, ताकि प्रत्येक निर्माण स्थल पर पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहें और काम निर्धारित गति से आगे बढ़े। जिन स्थलों पर श्रमिकों की तैनाती अपेक्षा से कम पाई जाती है या निर्माण कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं होती, वहां संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सुधार करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। दैनिक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में भी संबंधित विभागों से समन्वय कर जरूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का मौके पर हो रहा सत्यापन
कंट्रोल रूम की रिपोर्ट, ऑनलाइन निगरानी और स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। इससे निर्माण स्थलों पर आने वाली बाधाओं और कमियों की पहचान कर समय रहते समाधान करने में मदद मिल रही है। प्रशासन रिपोर्ट में दर्ज प्रगति का मौके पर सत्यापन भी कर रहा है, ताकि निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। इस प्रक्रिया के जरिए समयबद्धता के साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
निर्माण स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य
मेलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को सभी निर्माण स्थलों पर कार्यों का विवरण दर्शाने वाले सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए हैं। इन बोर्डों पर कार्य का नाम, स्वीकृत लागत, काम शुरू होने और पूरा होने की निर्धारित तिथि स्पष्ट रूप से दर्ज करनी होगी। साथ ही संबंधित ठेकेदारों और अभियंताओं के दूरभाष नंबर भी अंकित करने होंगे। इससे निर्माण कार्यों से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध होगी और कार्यों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
सड़कों, पुलों और घाटों के निर्माण कार्य समय पर पूरे करने पर जोर
कुंभ मेला-2027 को देखते हुए हरिद्वार में सड़कों, पुलों, घाटों और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करना मेला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय समन्वय, पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता, नियमित निगरानी और गुणवत्ता जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे हों, ताकि कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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